यहां उद्योग लगाने के लिए कोई भी प्लाट खरीद सकता या फिर किराये पर भी ले सकता है। हालांकि इस पार्क को बनने में कम से कम तीन साल का समय लग सकता है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं, गौरपाठक गांव का विकास होने की भी पूरी उम्मीद है।
इन्वेस्टर समिट में आए उद्योगपतियों को आसानी से मिलेगी जमीन
माती में जिला प्रशासन की ओर से कराई गई इन्वेस्टर समिट में आए उद्योगपतियों के पास जमीन नहीं होने की वजह से उद्योग लगाने में समस्या आ रही थी। ऐसे में यह पार्क विकसित होने के बाद उद्योगपति यहां आसानी से जमीन पा सकेंगे। इस क्षेत्र में संपूर्ण सुविधाएं विकसति मिलने से फैक्टरी लगाने में सहूलियत होगी।
कम समय में काम करने पर उपायुक्त उद्योग हुए सम्मानित
जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए शासन की ओर से बनाई गई प्लेज पार्क योजना के लांच होने के तीन माह के अंदर उपायुक्त उद्योग चंद्रभान सिंह ने एक औद्योगिक निजी पार्क बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया। इस पर उन्हें कम समय में पार्क की रूप रेखा तैयार करने व प्रक्रिया पूरी करने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया।
प्रदेश के तीन जिलों में निजी औद्योगिक पार्क बनाए जाने हैं। इसके लिए कानपुर देहात के उद्योगपति सुबोध अग्रवाल साढ़े सात करोड़ रुपये से पार्क विकसित करेंगे। इसमें से साढ़े पांच करोड़ रुपये सरकार उद्योगपति को एक फीसदी ब्याज में देगी। लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ हाथों से 2.75 करोड़ रुपये की पहली किश्त दे दी गई है। -चंद्रभान सिंह, उपायुक्त उद्योग