कानपुर देहात। कानपुर आउटर रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके लिए अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। अधिग्रहण के लिए शिवली में कानपुर नगर के भू-अध्यापित अधिकारी की ओर से जमीनों का सत्यापन चल रहा है।
कानपुर आउटर रिंग रोड चार चरणों में 93 किमी लंबी बनाई जानी है। पहले चरण में रिंग रोड कानपुर-अलीगढ़ हाईवे पर मंधना से शुरू होकर कानपुर-झांसी हाईवे पर सचेंडी तक बनेगी। इसमें कानपुर देहात की मैथा तहसील भी आ रही है।
एनएचएआई ने इसका सर्वे किया तो तहसील के 20 गांवों की भूमि को अधिग्रहण करने की योजना बनाई। इन सभी गांवों का सर्वे कर गाटा संख्या और जमीन मालिक का नाम दर्ज कर लिया गया है।
इसके बाद एनएचएआई परियोजना निदेशक ने जमीन की बिक्री पर रोक लगाने के संबंध में एडीएम वित्त एवं राजस्व को पत्राचार किया था। चूंकि जनपद में भू-अध्यापित अधिकारी नहीं है, इस वजह से एडीएम ने कानपुर नगर के भू-अध्यापित अधिकारी को पत्राचार किया है।
अब कानपुर नगर के अधिकारी की ओर से इन जमीनों का सत्यापन कराया जा रहा। जमीनों के अधिग्रहण के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व ने एनएचएआई से स्टाफ की मांग की है। वहीं, एनएचएआई परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा ने बताया कि अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए शिवली में कुछ कर्मचारी लगाए जाने हैं। इस पर विमर्श किया जा रहा है।
सचेंडी से सीधे पहुंचेंगे मंधना
जनपद से आउटर रिंग निकलने से उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। रनियां औद्योगिक क्षेत्र से कानपुर-अलीगढ़ जाने वाले वाहनों को अभी तक पनकी, कल्याणपुर होते हुए मंधना से अलीगढ़ जाना पड़ता है, रिंग रोड बन जाने से वाहन सवार कानपुर-इटावा हाईवे में सचेंडी के पास से सीधा मंधना पहुंच जाएंगे। ऐसे में उनका 20 से 30 किमी का चक्कर बचेगा। साथ ही रोजगार के अवसर सृजित होंगे।