कानपुर देहात। एआरटीओ कार्यालय के बाहर अब गुमटी या अवैध दुकान लगाने पर रोक है। इसके बाद भी ठेलिया दुकानें लग रही हैं। यहां से ही दलाल काम कर रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद भी अफसर अनदेखी कर रहे हैं।
एआरटीओ कार्यालय के बाहर गुमटी या अवैध अस्थायी दुकानें लगाने पर रोक है। लोग इन दुकानों पर ही वाहनों से संबंधित काम कराते हैं। इसका फायदा दलाल उठाते हैं और आमजन से धन उगाही करते हैं। शासन के गृह (पुलिस) अनुभाग -3 के विशेष सचिव अनिल कुमार ने एआरटीओ कार्यालय के बाहर गुमटी व अवैध दुकानों को हटवाने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि यहां आमजन को भ्रमित कर दलाल धन उगाही करते हैं इससे विभाग की छवि धूमिल होती है। सोमवार को अमर उजाला ने हकीकत की पड़ताल की। एआरटीओ कार्यालय के बाहर हाईवे सर्विस लेन तक कई ठेलिया व अस्थायी दुकानें लगी मिली। इन दुकानों पर फोटो कापी करने का काम भी हो रहा था। यहां कई युवक वाहनों संबधी काम के लिए आवेदन तैयार करते दिखे। वहीं कार्यालय में खिड़कियों पर सन्नाटा था। अफसरों की अनदेखी से एआरटीओ कार्यालय के बाहर का यह नजारा आम है।
जनहित गारंटी अधिनियम लागू है। इसमें तय समय में एआटीओ कार्यालय में काम होते हैं। दलालों के चक्कर में लोग न पड़े बल्कि सीधे कार्यालय में संपर्क करें। मंगलवार को कार्यालय के बाहर लगी अस्थायी दुकानों को हटवा दिया जाएगा। न मानने वालों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। -मनोज वर्मा, एआरटीओ प्रशासन