कानपुर देहात। डीएम ने सोमवार को सुबह सवा दस बजे जल निगम दफ्तर का निरीक्षण किया। वहां दो चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को छोड़कर कोई नहीं मिला। इस पर डीएम ने सभी को अनुपस्थित कर अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके बाद जिला पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां मास्क न लगाने पर दो कर्मियों से जुर्माना वसूला गया।
डीएम डा. दिनेश चंद्र ने सोमवार को जल निगम दफ्तर का औचक निरीक्षण किया। वहां सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मी रामनाथ व जयशंकर उपस्थित मिले। अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व सभी जेई नदारद मिले। डीएम ने उपस्थित रजिस्ट्रर में सभी को अनुपस्थित दर्ज किया। साथ ही अधिशासी अभियंता एमके सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया।
वहीं अधिशासी अभियंता ने बताया कि वह डेरापुर के सरगांव में राज्यमंत्री के कार्यक्रम में सहायक अभियंता व जेई के साथ गए थे। दफ्तर में लिपिक शुभम वर्मा, शादाब खान व गौरीशंकर को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। इनसे स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। डीएम ने इसके बाद जिला पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां अचानक डीएम के पहुंचने पर हड़कंप मच गया। कई कर्मी बाहर चाय की दुकान में बैठे थे। वह डीएम के अंदर जाते ही पीछे से दौड़कर अपनी चेयर में पहुंच गए। डीएम ने सबसे पहले उपस्थित रजिस्टर देखा। वहां दो कर्मियों के हस्ताक्षर न होने पर अनुपस्थित कर दिया। साथ ही स्टाक, डाक, आय व्यय रजिस्टर का देखा। वहीं कोरोना हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया। कोरोना हेल्प डेस्क में लगी सैनिटाइजर मशीन चालू हालत में नहीं मिली। साथ ही वहां रखे इंफ्रारेड थर्मामीटर से अपर मुख्य अधिकारी का तापमान चेक कराया।
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