झींझक। शेड्यूल से कम व लो वोल्टेज बिजली आपूर्ति से निजी नलकूप संचालित नहीं होने और फसल सिंचाई के संकट पर सोमवार को गुस्साए किसान पहले मिंडाकुआं सबस्टेशन पहुंचे। फिर कठिका ग्रिड सबस्टेशन पहुंच कर हंगामा किया। ग्रिड सबस्टेशन के जेई के समझाने पर किसान शांत हुए।
कठिका ग्रिड सबस्टेशन से मिंडाकुआं सबस्टेशन जुड़ा है। यहां से नारखुर्द, मलगांव व मियानी फीडर से 28 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। 50 से अधिक निजी नलकूप भी जुड़े हैं। मिंडाकुआं सबस्टेशन पांच एमवी क्षमता का है। ओवरलोड से लो वोल्टेज बिजली आपूर्ति होती है। इसकी वजह से नलकूप नहीं चल पाते हैं। सिंचाई संकट से धान की फसल बर्बाद होने की आशंका बनी है। गुस्साए मियानी, जैतीपुर, विजयरामपुर, नारखुर्द, मलगांव, कठिका आदि के किसान सोमवार को मिंडाकुआं सबस्टेशन पहुंच गए और हो हल्ला किया। किसानों ने कहा कि शेड्यूल की बिजली नहीं मिल रही है। जबकि लो वोल्टेज बिजली आपूर्ति की वजह से नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। इससे सिंचाई का संकट बना है। बारिश नहीं हो रही है और फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं। वहां मौजूद विद्युत कर्मियों ने किसानों को ग्रिड सबस्टेशन से लो वोल्टेज बिजली आपूर्ति की बात कही। इस पर किसान कुछ देर में ही कठिका ग्रिड सबस्टेशन पर पहुंचे गए और वहां हो हल्ला शुरू कर दिया। ग्रामीण विभव सिंह, श्याम पांडेय, विश्राम, अमर सिंह, गोपाल आदि ने बताया कि फसलें बर्बाद हो रही हैं। शोर सुनकर जेई राहुल कुमार पहुंचे और उन्होंने बताया कि ग्रिड सबस्टेशन से शेड्यूल के अनुसार ही बिजली आपूर्ति होती है। वोल्टेज भी पर्याप्त है। उन्होंने समझा बुझाकर किसानों को शांत किया। उन्होंने बताया कि मिंडाकुआं सबस्टेशन की क्षमता वृद्धि की जरूरत है। लोड अधिक होने की वजह से लो वोल्टेज व फाल्ट से शेड्यूल की बिजली नहीं मिल रही है। एसडीओ रसूलाबाद गौरव द्विवेदी ने बताया कि सबस्टेशन की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव है। मंजूरी मिलने पर यहां एक और पॉवर ट्रांसफार्मर रखा जाएगा। इसके बाद लो वोल्टेज की समस्या नहीं होगी।