कानपुर देहात। बिकरू कांड की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शिवली थाने में तैनात पुलिस कर्मियों का 25 साल का विवरण मांगा था। इसमें सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक सभी की तैनाती का समय देना था। एक सप्ताह से यह सूची तैयार की जा रही थी। गुरुवार को 22 सौ पुलिस कर्मियों की सूची एसआईटी को भेज दी गई।
दो जुलाई की रात कुख्यात विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बिकरू में हमला किया गया था। इसमें सीओ समेत आठ लोग शहीद हो गए थे। चौबेपुर एसओ समेत कई पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। चौबेपुर एसओ विनय तिवारी व हल्का इंचार्ज केके शर्मा विकास से सांठगांठ के आरोप में जेल में है। बिकरू गांव 2004 में चौबेपुर थाने में जोड़ा गया है। इसके पहले वह शिवली कोतवाली से जुड़ा था। वर्ष 2001 में कोतवाली के अंदर राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें विकास दुबे मुख्य आरोपी था। बाद में कोर्ट से वह बरी हो गया था। शिवली से बिकरू की दूरी अधिक होने पर उसे चौबेपुर थाने में जोड़ दिया गया था। बिकरू कांड की जांच कर रही एसआईटी ने शिवली कोतवाली में 1995 से लेकर अब तैनात रहे पुलिस कर्मियों की सूची मांगी थी। एसपी अनुराग वत्स ने सीओ रसूलाबाद को पुलिस कर्मियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। कुल 22 सौ पुलिसकर्मियों की सूची तैयार हुई है। सभी की तैनाती का समय, स्थानांतरण के बाद दोबारा तैनात होने का विवरण भी दर्ज किया गया है। एसपी ने बताया कि एसआईटी की ओर से मांगी गई सूचना भेज दी गई है।
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