कानपुर देहात में सट्टी क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की नाबालिग से दुष्कर्म में असफल होने पर उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 67 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। विशेष लोक अभियोजक राकेश मिश्रा व सहायक शासकीय अधिवक्ता राम रक्षित शर्मा व देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि 27 जून 2015 को सट्टी के एक गांव में अनुसूचित जाति की नाबालिग घर में अकेली थी।
इसी दौरान गांव के कृष्णकांत अवस्थी उर्फ रामजी ने घर में घुसकर नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी। बालिका की मां को घर लौटने पर घटना की जानकारी हुई। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय-13 शैलेंद्र कुमार वर्मा की अदालत में चल रही थी। सोमवार को अदालत ने कृष्ण कांत अवस्थी उर्फ रामजी को दोषी करार दिया था। गुरुवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने अर्थदंड से आधी राशि मृतका की मां को बतौर प्रतिकर देने के आदेश दिए हैं।