इसी गड्ढे में गिरने से गई जान
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सूचना पर पहुंचीं पुलिस ने फायर बिग्रेड को मौके पर बुलवाया और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोपहर दो बजे के करीब कन्हैया को बाहर निकाला तब तक उसकी जान चली गई थी। मौके पर पहुंचे चाचा राजेश, परिजन व वार्ड वासियों ने मकान मालिक व साथियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर शव नहीं उठने दिया। तहसीलदार संतोष कुमार व थानाध्यक्ष एसएन सिंह के समझाने, कार्रवाई व मुआवजा दिलवाने के आश्वासन पर आधे घंटे बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि घटना को लेकर कई बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा में मजदूरी करता है परिवार
राजेश ने बताया कि भतीजा कन्हैया अविवाहित था और रसूलाबाद में ही रहकर मजदूरी करता था। जबकि उसके परिजन मथुरा में रहकर मजदूरी करते थे। अनहोनी की जानकारी पर कन्हैया के पिता शिवबालक, भाई अजय, प्रमोद, बहन प्रीति, वर्षा रोने लगीं। घटना की जानकारी पर परिजन रसूलाबाद से घर आ रहे हैं।
मजदूर की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हुई है। पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा कोष से आर्थिक राहत पहुंचाने के लिए राजस्व टीम से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने पर सहायता दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही घटना को लेकर भी छानबीन की जा रही है। - संतोष कुमार, तहसीलदार रसूलाबाद