डेरापुर। तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस से लौट रहे झींझक पीएचसी के लैब टेक्नीशियन को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पास से सचेंडी थाने की पुलिस ने उठा लिया।
दहेज उत्पीड़न व जबरन गर्भपात कराने के मामले में पुलिसकर्मी उसे अपनी कार में बैठाकर पूछताछ के लिए थाने ले गए। इधर, क्षेत्र में लैब टेक्नीशियन के अपहरण की अफवाह फैल गई। बाद में लोगों को उसे सचेंडी पुलिस की ओर से ले जाने की जानकारी हुई।
डेरापुर क्षेत्र के महोई गांव निवासी राजवर्धन सिंह झींझक पीएचसी में कार्यरत है। वह शनिवार को पीएचसी के चिकित्साधीक्षक के प्रतिनिधि के रूप में डेरापुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में गया था।
वहां से लौटते वक्त पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पास सादे कपड़ों में आए कुछ लोगों ने राजवर्धन को रोका। कुछ देर राजवर्धन से बात के बाद उसकी कार को सड़क के किनारे खड़ा करा दिया। इसके बाद राजवर्धन को अपनी कार में बिठाकर ले गए।
इस दौरान स्थानीय लोगों के पूछने पर कार सवार लोगों को खुद को सचेंडी थाने में तैनात पुलिसकर्मी बताया। पुलिस कर्मियों के सादे कपड़ों में होने से क्षेत्र में राजवर्धन के अपहरण की अफवाह फैल गई।
मामला डेरापुर थाना पुलिस तक पहुंचा तो पता चला कि सचेंडी थाने की टीम उसको एक मामले में पूछताछ के लिए ले गई है। इधर, सचेंडी थानाध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि राजवर्धन की पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न व जबरन गर्भपात कराने का मामला दर्ज कराया है। इसी मामले में राजवर्धन को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है।