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जेडीसी को मिला खामियों का अंबार, बीडीओ व एडीओ से स्पष्टीकरण

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रायपुर कुकहट गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर का निरीक्षण करते जेडीसी अभिराम त्रि? - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पैसा मिलने पर लाभार्थियों ने मकान तो बनवा लिए लेकिन शौचालय नहीं। अफसरों की लापरवाही से लाभार्थी मनमानी करते रहे। आवास निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई। शुक्रवार देर शाम सरवनखेड़ा ब्लाक के रायपुर कुकहट गांव में संयुक्त विकास आयुक्त कानपुर मंडल अभिराम त्रिवेदी के निरीक्षण में पोल खुली। उन्होंने सरवनखेड़ा के खंड विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए जेडीसी रायपुर गांव पहुंचे। उन्होंने वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थी साहिदा के आवास को देखा, जो पूरा मिला। आवास की गुणवत्ता खराब मिली। बरामदे में मिट्टी भराई का काम भी अधूरा मिला। शौचालय न बने होने पर बताया गया कि लाभार्थी को धनराशि दी गई थी, लेकिन अभी तक सिर्फ गड्ढा खोदा गया है। लाभार्थी ने शौचालय का निर्माण नहीं कराया है। जेडीसी ने सरवनखेड़ा के बीडीओ और एडीओ पंचायत से स्पष्टीकरण मांगा है। अन्य पात्रों के शौचालय न बनने पर पंचायत सचिव रवि शुक्ला ने बताया कि बेसलाइन सर्वे-2 के अंतर्गत 32 लाभार्थियों की फीडिंग कराई गई है।
धनराशि न मिलने के कारण शौचालय नहीं बन पा रहे हैं। पूर्व में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 143 व बेसलाइन सर्वे-एक के अंतर्गत 32 लाभार्थियों के शौचालय बनवाए जा चुके हैं। जेडीसी ने बेलसरायां गांव का निरीक्षण किया। मनरेगा की स्थिति जांचने पर बताया गया कि वर्ष 2019-20 के दौरान आठ परियोजनाओं पर काम कराया गया है। कुल 2786 मानव दिवस सृजित किए गए हैं। मजदूरों पर 4.59 लाख रुपये की धनराशि व्यय हुई है। गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे जेडीसी को मौके पर 90 से 100 पौधे मिले। पंचायत सचिव ने एक हजार पौधे लगाए जाने की जानकारी दी थी। संयुक्त विकास आयुक्त ने बताया कि दोनों गांवों में निरीक्षण के दौरान खामियां मिली हैं।
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