जिला अस्पताल इमरजेंसी के बाहर हेल्प डेस्क में मरीजों से जानकारी लेता वार्ड ब्वॉय। संवाद
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कानपुर देहात। जिला अस्पताल में युवक को स्ट्रेचर नहीं दिए जाने के मामले में सीएमएस ने ईएमओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर हेल्प डेस्क बना वार्ड ब्वॉय की तैनाती की गई है।
उसका काम अस्पताल में आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर उपलब्ध करना और उनका विवरण नोट करना है। मालूम हो कि दो जुलाई के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने सीएमएस से जांच कर रिपोर्ट तलब की है।
अकबरपुर शंकर दयाल नगर निवासी विवेक (20) ने शुक्रवार को फंदा लगा लिया था। सूचना पर अकबरपुर थाने की पुलिस उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंची थी। वहां कर्मचारी से स्ट्रेचर मांगा, लेकिन पांच मिनट तक कोई नहीं पहुंचा।
इस पर पुलिसकर्मी खुद युवक को चादर में लपेट कर इमरजेंसी कक्ष तक ले गए थे। स्वास्थ्य विभाग की इस संवेदनहीनता की खबर को अखबार ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने संज्ञान लिया।
उन्होंने सीएमओ व सीएमएस से नाराजगी जताई थी। अब सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने ईएमओ डॉ. पवन पार्या से स्पष्टीकरण मांगा है। डॉ. पवन पार्या ने बताया कि इमरजेंसी में वह मरीजों को देखने में व्यस्त थे।
घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वॉय राजेश और चंद्रभान के बयान लिए जाएंगे। इसके बाद रिपोर्ट सीएमएस को देंगे। ईएमओ ने बताया कि इमरजेंसी में एक स्ट्रेचर और व्हीलचेयर है। इससे मरीजों को लाने व जाने में परेशानी होती है। उन्होंने ने एक स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की मांग कर सीएमएस को पत्र लिखा है।
मरीज को स्ट्रेचर न उपलब्ध करने के मामले में ईएमओ और दो वार्ड ब्वॉय से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस।