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बलवंत हत्याकांड : अब 9 मई तक मुकदमे की कार्यवाही पर रोक

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कानपुर देहात। बलवंत सिंह हत्याकांड के आरोपियों ने सीजेएम की ओर से आरोप पत्र पर हत्या समेत अन्य धाराओं के संज्ञान लेने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सीजेएम कोर्ट में हाईकोर्ट की तरफ से आरोप पत्र को संज्ञान लेने व आदेश पर रोक लगाने का कथन करते हुए प्रार्थना पत्र दिया।
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इसका वादी पक्ष के अधिवक्ता ने विरोध करते हुए अदालत को बताया कि हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई 29 मई को होनी है। हाईकोर्ट ने सीजेएम कोर्ट में चल रहे मामले में अग्रिम कोई कार्यवाही करने पर 29 मई तक रोक लगाई है न कि आदेश को स्टे किया है।

12 दिसंबर 2022 को सरैया लालपुर के व्यापारी बलवंत सिंह की रनियां थाने में पुलिस कर्मियों ने पीटकर हत्या कर दी थी। मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तत्कालीन एसओजी टीम प्रभारी, शिवली थाा प्रभारी समेत आठ पुलिस कर्मी जेल भेजे गए थे।
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वहीं, एसआईटी टीम ने मामले की विवेचना कर हत्या की धारा हटाकर गैर इरादतन हत्या की धारा में आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। वहीं, सीजेएम ने आरोप पत्र में गैर इरादतन हत्या की धारा हटाकर हत्या की धारा में आरोप पत्र को संज्ञान लिया था।

इसको लेकर आरोपियों ने सीजेएम के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मंगलवार को आरोपियों की ओर से सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देते हुए हाईकोर्ट से सीजेएम के आदेश पर स्टे होने की बात कही।

इसका वादी पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह ने विरोध करते हुए कहा कि बचाव पक्ष न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं जितेंद्र चौहान ने बताया कि उक्त आदेश के खिलाफ जेल में बंद तत्कालीन शिवली थाना प्रभारी आदि सभी आरोपियों ने याचिका दाखिल की है। इसमें केस की पत्रावली में जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई निस्तारण के अलावा अन्य सभी कार्यवाही उच्च न्यायालय में सुनवाई की नियत तिथि 29 मई तक स्थगित करने का आदेश पारित किया है।

जबकि इस आदेश की गलत व भ्रामक व्याख्या कर आरोपी तत्कालीन शिवली थाना प्रभारी सहित अन्य आरोपियों ने सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है कि उच्च न्यायालय ने सीजेएम न्यायालय के आदेश को स्थगित कर दिया है। अधिवक्ता जितेंद्र चौहान ने बताया कि सीजेएम न्यायालय ने आरोपियों के प्रार्थना पत्र में किए गए कथनों व प्रार्थना को अस्वीकृत कर प्रार्थना पत्र निस्तारित कर दिया है ।
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