कानपुर देहात। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश की ओर से संविदा कर्मचारियों के लिए मानव संसाधन नीति लागू की गई है। इसका लाभ जिले के करीब 480 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा। इससे कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भोलेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि संविदा कर्मियों के लिए अभी तक कोई नीति तय नहीं थी। पिछले तीन वर्षों से संघर्ष किया जा रहा था। मानव संसाधन नीति के तहत संविदा कर्मियों को कई लाभ प्राप्त होंगे। इसमें चिकित्सीय अवकाश जो वर्ष की समाप्ति पर खत्म हो जाते थे। अब वह अगले वर्ष में जोड़े जाएंगे। इनकी अवधि 120 दिन की होगी। महिला कर्मचारियों के लिए 180 दिनों का प्रसूति अवकाश देय होगा। वहीं उत्पीड़न संबंधी मामलों के लिए अलग से कमेटी होगी।
जिला संयोजक रत्नेश बाजपेयी ने बताया कि नीति लागू होने पर राज्य, मंडल व जिलास्तर पर कर्मचारियों की समस्या निवारण के लिए शिकायत निवारण समिति, इसमे संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल निवारण होगा। किसी भी संविदा कर्मचारी को उसकी सेवा से बिना पूरी जांच किए तत्काल हटाया नहीं जाएगा।
यदि कर्मी की कोई गलती या दोष है तो सबसे पहले उसका वेतन कटेगा। सुधार न होने पर स्थानांतरण, वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने और आखिर में राज्यस्तरीय जांच में दोषी पाए जाने पर उसकी संविदा समाप्त की जाएगी। इसी तरह संविदा कर्मियों को अन्य लाभ मिलेंगे। एचआर पॉलिसी लागू होने की जानकारी पर संविदा डा. आशीष अवस्थी, डा. यतेंद्र शर्मा, जिला मंत्री तरुण श्रीवास्तव, महेंद्र कुमार, अंकित श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव आदि ने खुशी जताई है।