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Kanpur Dehat: दो पक्षों में मारपीट, पथराव व फायरिंग, 14 लोग घायल, गांव पहुंचने पर पुलिस से की गई अभद्रता

Thu, 23 May 2024 10:48 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात

सार

कानपुर देहात में दो पक्षों में हुए विवाद में 14 लोग घायल हो गए। गांव में तनाव की स्थिति देख पुलिस बल तैनात किया गया है।
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दो पक्षों में पथराव और फायरिंग - फोटो : kanpur
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विस्तार
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कानपुर देहात में रनियां थाना क्षेत्र के आर्यनगर और फत्तेपुर रोशनाई राजस्व गांव के लोगों के बीच गुरुवार शाम हुई मारपीट, फायरिंग, पथराव की घटना के मामले में दोनों राजस्व गांव के लोग दहशत में नजर आए। गांव के लोगों ने बताया कि दिन से शुरू हुआ विवाद देर शाम बढ़ गया। पुलिस पूरी घटना से अनजान रही। घटना को हमलावरों ने फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया। फायरिंग व पथराव के बाद गांव में दहशत का माहौल है।

गांव के लोगों की मानें तो फत्तेपुर रोशनाई निवासी सत्यम सिंह कार से बुधवार शाम कानपुर जा रहा था। राजेंद्रा चौराहा पर गाड़ी खड़ी करके वह पानी लेने के लिए उतरा। उसी दौरान पूर्व में दोनों गांव के युवकों के बीच हुई कहासुनी के मामले को लेकर आर्यनगर के लोगों ने उसे मारपीट कर घायल कर दिया। इस मामले में सत्यम की मां नीलम सिंह ने दीपू, हरिशंकर, लालू टंडिया, हरीकिशन, लालू, सुनील, गंगा सिंह, लल्लन, कल्लू व 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मारपीट के मामले में सत्यम सिंह की मां नीलम की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पुलिस कार्रवाई करती तो शायद मामूली विवाद इतना बढ़ा रूप न लेता।

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यही वजह रही कि गुरुवार सुबह सत्यम व दूसरे पक्ष के लोगों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। शाम पांच बजे के करीब आर्यनगर प्रथम की महिलाएं व कुछ लोग सड़क से निकल रहे फत्तेपुर रोशनाई के लोगों को गाली गलौज करने लगी। इसी बीच पहुंचे सत्यम सिंह से फिर मारपीट कर दी। मारपीट की जानकारी पर फत्तेपुर रोशनाई से काफी संख्या में लोग जा पहुंचे और टकराव की स्थिति के बाद पथराव, लाठी डंडे व फायरिंग शुरू हो गई।

फायरिंग व पथराव में यह हुए घायल
रामजी उर्फ आनंद पुत्र चेतन निवासी आर्यनगर प्रथम, बबली गुप्ता पत्नी बलराम गुप्ता, रविकांत गुप्ता पुत्र छोटे लाल गुप्ता, छोटे गुप्ता , सौरभ पुत्र महेंद्र गुप्ता, पीयूष गुप्ता, प्रीती गुप्ता पत्नी रविकांत गुप्ता, दिव्यांशी पत्नी पियूष, पंकज सिंह चौहान निवासी कैलाशपुर पुलंदर (पैर में गोली लगी), रोहिनी पुत्री नरेश निवासी आर्यनगर प्रथम, एकता देवी पत्नी धर्मेंद्र, अंकिता सिंह पुत्री धर्मेंद्र, अंकित सिंह पुत्र धर्मेंद्र ( छर्रे लगे) व एक अन्य घायल हो गया।

ऐसे बढ़ा विवाद
आर्यनगर प्रथम निवासी प्रत्यक्षदर्शी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार को गांव के दो पक्षों में विवाद हुआ था। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे बीच गांव की रोड से 30 से 40 लड़के हथियारों से लैस होकर दो व चार पहिया वाहन से गांव में घूम-घूमकर गाली-गलौज करते हुए निकले। इस दौरान घर में सो रहे कुछ लोगों की गाली-गलौज सुनकर नींद खुली, लेकिन विवाद से बचने के लिए गांव के लोग कुछ नहीं बोले। इसके बाद कार व बाइक सवार लोग चले गए। दोपहर चार बजे अचानक तेज आवाज आने लगी तो गांव के लोग समझ नहीं पाए। जब बाहर आकर देखा तो पथराव व फायरिंग हो रही थी। देखा कि अपने मामा रामरति के घर रहने वाले पंकज के दाएं पैर में गोली लगी थी। इसके बाद गांव के दूसरों में विवाद की स्थिति बन गई। धर्मेंद्र ने बताया कि पत्नी एकता, बेटी अंकिता और बेटा अंकित घर से बाहर निकले कर घटना देखने लगे तो दबंगों की फायरिंग से निकले छर्रे दोनों के जा लगे। इससे वह घायल हो गई। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से सभी घायल अकबरपुर सीएचसी लेकर आए। वहां डॉ. आनंद गुप्ता ने चिकित्सकीय परीक्षण कर इलाज किया।


अकबरपुर सीएचसी में एक के बाद एक 13 घायल आ जाने की वजह से पूरे सीएचसी में अदंर से लेकर बाहर तक अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सीएचसी के चारों तरफ स्ट्रेचर पर घायल लेट रहे। एक-एक कर चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। इस बीच कुछ स्ट्रेचर व कुछ कुर्सी पर बैठ कर कराहते रहे। इस बीच तहसीलदार पवन कुमार भी पहुंचे आैर घायलों के इलाज के बारे में जानकारी ली।


अकबरपुर सीएचसी के डॉ. आनंद गुप्ता ने बताया कि पंकज के बाएं पैर में दो छेद थे। एक छेद से कारतूस को बाहर निकाला गया है। जबकि दूसरे छेद को देखकर लग रहा है कि उसमें भी कारतूस लगकर बाहर निकल गया होगा, लेकिन एक्सरे की रिपोर्ट आने के बाद दूसरे छेद में कारतूस लगने की बात की पुष्टि हो पाएगी।

खूब वायरल हो रहा फायरिंग का वीडियो


दो गुटों में हुए विवाद के दौरान भारी संख्या में असलहे ग्रामीणों को देखने को मिले, आचार संहिता लगने के बावजूद बड़ी संख्या में असहले आना अपने आप में बड़ी बात है। साथ ही पुलिस की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं। दहशत के बीच लोग चर्चा करते रहे कि आखिर असलहा जमा हो गए थे तो लोगों के पास आए कहां से इसको लेकर पुलिस भी चुप्पी साधे रही।

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लोकसभा चुनाव को पूरा कराने के लिए जिले का ज्यादातर पुलिस बल गया है। रनियां थाने में मात्र से 8 से 10 पुलिसकर्मी ही थे। घटना की सूचना पर वह भी पहुंचे, लेकिन भीड़ को देखते हुए इतनी पुलिस नकाफी थी। इसके आसपास थानों की पुलिस बुलाई गई। वहीं देर रात पुलिस बल तैनात कर दिया गया। गांव की हर गतिविधियों पर पुलिस नजर रखे रही।

उपद्रवियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस
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