जिला अस्पताल में खडी एंबुलेंस। संवाद
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कानपुर देहात। जनपद में संचालित एंबुलेंस सेवा 102 और 108 में मरीज लाने व ले जाने के नाम पर फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई है। मंडलीय अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने सीएमओ को पत्राचार कर पिछले तीन माह में एंबुलेंस सेवा का लाभ लेने वाले लोगों से संपर्क कर सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में कुल 55 एंबुलेंस संचालित हैं। इसमें 102 एंबुलेंस सेवा 28, 108 एंबुलेंस सेवा 24 और दो एएलएस हैं। परिवार कल्याण महानिदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मरीजों को 102 और 108 एंबुलेंस सेवा ठीक से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
सेवा देने वाली कंपनी अधिकतर केसों में एंबुलेंस पर फर्जी मरीजों की संख्या दिखाकर और काल्पनिक पीसीआर भरकर सरकार से भुगतान करा रही है। महानिदेशक ने पत्र के माध्यम से मंडलीय अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को इसकी जांच कराने के लिए निर्देशित किया है।
वहीं, अपर निदेशक डॉ. जीसी मिश्रा ने फरवरी, मार्च और अप्रैल में कंपनी के उपलब्ध कराए गए आंकड़े और मरीजों का पीसीआर रजिस्टर (नाम, फोन नंबर और आधार) सत्यापन किए जाने के संबंध में सीएमओ कानपुर देहात को पत्राचार किया है।
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने जनपद में एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. मोहन झा और अपर सीएमओ डॉ. राजकिशोर को मामले के सत्यापन की जिम्मेदारी दी है। एंबुलेंस कंपनी की ओर से शासन को दिए तीन माह के आंकड़ों के अनुसार 102 एंबुलेंस का 11157 और 108 एंबुलेंस का 21542 लोगों ने लाभ लिया है।
फर्जीवाड़े की आशंका के चलते कानपुर देहात समेत पूरे यूपी की एंबुलेंस सेवा का में सत्यापन किया जाना है। इस संबंध में कानपुर देहात सीएमओ को निर्देशित किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद शासन को भेजी जाएगी। - डॉ. जीसी मिश्रा, मंडलीय अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण