कानपुर देहात। माती कचहरी में हड़ताल को लेकर अधिवक्ताओं में गुटबाजी हो गई है। इसमें एक पक्ष हड़ताल के विरोध में है। वहीं एकीकृत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संपतलाल यादव के निष्कासन पर भी एक पक्ष में नाराजगी है।
बुधवार को आम सभा बुलाकर अधिवक्ताओं के एक खेमे ने हड़ताल का विरोध करते हुए काम पर लौटने की बात कही। इस बाबत जिला जज को पत्र सौंपा। अध्यक्ष ने कार्यकारिणी भंग करने की भी घोषणा की। तनाव के माहौल को देखते हुए कचहरी में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पीएसी तैनात कर दी गई है।
माती कचहरी से भोगनीपुर कोर्ट पुखरायां स्थानांतरित होने के चलते अधिवक्ता 20 अप्रैल से हड़ताल कर रहे हैं। उनकी मांग है कि कोर्ट वापस माती में संचालित की जाए। इस हड़ताल के दौरान अधिवक्ताओं का एक पक्ष विरोध में हो गया।
इसी क्रम में बुधवार को एकीकृत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संपत लाल यादव ने आम सभा बुलाई। इसमें अधिवक्ताओं से काम पर लौटने की अपील की। साथ ही उन्होंने संगठन के महामंत्री की तरफ से निलंबन के फैसले को गलत बत
ाया। कहा कि उन्हें अध्यक्ष को निलंबित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कार्यकारिणी भंग करने की घोषणा भी की। एल्डर्स कमेटी को चुनाव के लिए पत्र लिखा है। बैठक के दौरान जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री मुलायम सिंह यादव ने कहा कि बिना नोटिस दिए अध्यक्ष को निलंबित नहीं किया जा सकता है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि हड़ताल वादकारियों के हित में नहीं है। कुछ अधिवक्ता मनमाने ढंग से संगठन चलाना चाहते हैं। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। अधिवक्ताओं में तनाव को देखते हुए एसपी ने कचहरी में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पीएसी तैनात कर दी है। कचहरी के हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रही।
एकीकृत बार एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष विजय मिश्रा ने कहा कि निष्कासित अध्यक्ष संपत लाल यादव को आम सभा बुलाने का अधिकार नहीं है। वह संगठन के विरोध में लगातार काम कर रहे थे इसलिए आमसभा बुलाकर उन्हें निलंबित किया गया है।
महामंत्री अरविंद सिंह कुशवाहा ने जिला जज को पत्र सौंपकर हड़ताल जारी रखने की बात कही है। उन्होंने निष्कासित अध्यक्ष की तरफ से दी गई सूचना को प्रभावी न मानने की बात कही। हालांकि अधिवक्ताओं में दो फाड़ होने से तनाव की स्थिति हो गई है। कामकाज प्रभावित है। अधिवक्ता भी हड़ताल को लेकर एकमत नहीं है। इसका खामियाजा वादकारियों को उठाना पड़ रहा है।