पुखरायां। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में यमुना और सेंगुर नदी की बाढ़ से हर साल प्रभावित होने वाले तटवर्ती इलाकों का जिलाधिकारी ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ से बचाव की तैयारियां की जानकारी ली और अभी से सभी प्रबंध करने के निर्देश दिए।
बारिश के समय हर साल यमुना और सेंगुर नदी में बाढ़ आने के कारण भोगनीपुर तहसील के काफी गांव प्रभावित होते हैं। इसको देखते हुए डीएम नेहा जैन ने शुक्रवार को प्रभावित होने वाले इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ चौकी चपराहट का निरीक्षण कर मौके पर बैनर लगाने को कहा।
डीएम ने मां मुक्तेश्वरी के दर्शन किए और यमुना नदी के घाट का निरीक्षण किया। यहां बैरिकेडिंग कराने व खतरे के निशान बनवाने के निर्देश दिए। एसडीएम अजय कुमार राय ने बताया कि बाढ़ राहत के लिए सात चौकियां चपरघटा, मूसानगर, रसूलपुर भुरंडा, सरौटा, दौलतपुर, नौबादपुर और देवराहट में बनाई गई हैं।
यहां पर प्रभारी राजस्व निरीक्षक और सहायक लेखपाल को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम अजय राय, तहसीलदार अनीता शेखर, जिला सूचना अधिकारी नरेंद्र मोहन सहित राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे।
मछुआरे के घर पहुंच जाना हाल
जिलाधिकारी बाढ़ से प्रभावित होने वाले मुसरियां गांव में मछुआरे सोनेलाल के घर पहुंचीं और हाल जाना। यहां सोने लाल ने बताया कि मछलियों के शिकार पर प्रतिबंध लगने से रोटी रोजी प्रभावित हो रही है। इस पर डीएम ने जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
विद्यालय में बंद मिला ताला, जांच के निर्देश
मुसरियां गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में डीएम को ताला बंद मिला। कोई शिक्षक भी नहीं नजर आया। छात्रों ने डीएम को बताया कि शिक्षक कभी-कभी आते हैं। उन्होंने जांच के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय में 102 बच्चों के सापेक्ष 49 उपस्थित मिलने पर प्रधानाध्यापक राजेंद्र उमराव को उपस्थिति बढ़ाने को कहा। शिक्षक साक्षी मिश्रा अनुपस्थित मिलीं। अधिकारियों को विद्यालय में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने को कहा। आंगनबाड़ी केंद्र में 38 बच्चों में मात्र नौ मिले। कार्यकर्ता रंजना व सहायिका फूला देवी को संख्या बढ़ाने को कहा। जिला कार्यक्रम अधिकारी को व्यवस्था दुरुस्त कराने को कहा।