आरोपियों के पास बरामद तमंचा व गहनें।
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कानपुर देहात। महिलाओं से ठगी करने वाले दो टप्पेबाज गिरफ्तार किए गए हैं। यह दोनों भिखारी बनकर रैकी करते थे। इसके बाद घटना को अंजाम देते थे। दोनों टप्पेबाजों से जेवरात, तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। इस अंतरराज्यीय गिरोह के दो बदमाशों को सिकंदरा पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
एसपी अनुराग वत्स ने गुरुवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बुधवार देर रात राजपुर थानाध्यक्ष विक्रम सिंह ने टीम के साथ बैना रोड चौराहा पीपर से नीचे से शक के आधार पर बाइक सवार नौरंगाबाद रूरा निवासी मासूम अली उर्फ मासूम रजा और उसके साथी मदारपुर बदलापुर माती अकबरपुर निवासी मोहम्मद उवैश खान को पकड़ा। दोनों ने पूछताछ में कानपुर देहात, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, उन्नाव, जालौन व लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में टप्पेबाजी की घटनाओं को कबूल किया। दोनों ने बताया कि उरई, जालौन में एक महिला को जीवन का संकट बताकर उसके जेवरात लेकर चंपत हो गए थे।
पुलिस ने जांच में मामला सही पाया। ठगी के शिकार कालपी रोड पटेल नगर उरई निवासी रामदास पाल की पत्नी पान कुंवर ने 30 सितंबर को उरई कोतवाली में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपियों से पान कुंवर से ठगे गए जेवरात के साथ ही दो तमंचे और कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस ने दोपहर बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया।
एसपी ने बताया कि पकड़े गए मासूम अली के गिरोह में 10 से ज्यादा सदस्य हैं। इनमें से जल्लापुर राजपुर के शहरे अली उर्फ शेरू और नसीम को सिकंदरा पुलिस टप्पेबाजी के मामले में पहले ही जेल भेज चुकी है। मासूम और उसके दूसरे साथियों ने कई वारदातों को अंजाम दिया, लेकिन ये लोग कभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए। अब मासूम अली के गैंग को इंटर स्टेट गैंग की सूची में दर्ज किया जाएगा। एसपी ने गैंग का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।