पुलिस गिरफ्त में हत्यारोपी व जानकारी देते एसपी अनुराग वत्स।
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कानपुर देहात। रसूलाबाद के धर्मूपुर गांव में किसान छम्मी लाल की हत्या पांच बीघा जमीन के लिए उसके बड़े भाई और भतीजे ने कुल्हाड़ी से की थी। हत्यारोपी पिता-पुत्र ने डेढ़ लाख रुपये का लालच देकर छम्मी लाल के दोस्त रमेश को भी वारदात में शामिल कर लिया था। रमेश ही छम्मी लाल को शराब पिलाने के बहाने गांव के बाहर ले गया था। पुलिस ने तीनों को गिफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में प्रयोग की गई कुल्हाड़ी, हॉकी, छम्मीलाल का मोबाइल, साइकिल और टूटा सिम बरामद किया है।
एसपी अनुराग वत्स ने पत्रकारों को बताया कि धर्मूपुर गांव निवासी छम्मी लाल (40) सोमवार से गायब था। मंगलवार को उसका शव गांव के बाहर चक रोड पर खून से लथपथ मिला था। पोस्टमार्टम में नुकीली व धारदार हथियार से हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। छम्मी लाल की पत्नी ऊषा ने जेठ श्रीकृष्ण व भतीजे (श्रीकृष्ण के बेटे) रज्जन और तिश्ती गांव के रमेश पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी ने बताया कि बुधवार रात 11:00 बजे रसूलाबाद थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने टीम के साथ मदर इंडिया तिराहा तिश्ती रोड से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में श्रीकृष्ण ने बताया कि छम्मीलाल नि:संतान था। करीब एक साल पहले छम्मी लाल ने उसकी बेटी कुमकुम को गोद लिया था। इसी साल होली पर छम्मी लाल ने साले बलराम के नवजात बेटे राज को गोद ले लिया था। इसके बाद उसे छम्मी लाल की पांच बीघा जमीन अपने हाथों से फिसलती नजर आने लगी। उसे लगा कि छम्मी लाल अपनी जमीन राज के नाम कर देगा। इसीलिए उसने भाई छम्मी लाल की हत्या की साजिश रची। इसके बाद छम्मी लाल को डेढ़ लाख रुपये का लालच देकर वारदात में शामिल किया।
रमेश को छम्मी लाल की कीमती जमीन बेच कर रुपये देेन की बात कही थी। साजिश के तहत रमेश 30 सितंबर की रात 10 बजे छम्मी लाल को शराब पिलाने के बहाने मडैयन मोड़ पर लेकर आया। इसके बाद उसने बेटे रज्जन के मिलकर पुलिया के नीचे छम्मी लाल हॉकी व कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इसके बाद शव को उठाकर चक रोड पर फेंक दिया था। छम्मी लाल की साइकिल को वहीं धान के खेत में छिपा दिया था। छम्मी लाल का मोबाइल फोन और सिम रमेश ले गया था, जिसे बरामद कर लिया गया है।