फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर देहात : क्रोमियम कचरा ढकने के लिए कंपनी तय, खानचंद्रपुर में एचडीईपी जियोमेंबरेन शीट से ढका जाएगा कचरा

विज्ञापन
खानचंदपुर में डंप क्रोमियम सल्फेट कचरा। संवाद - फोटो : AKBARPUR
विज्ञापन
कानपुर देहात। खानचंद्रपुर में खुले में डंप क्रोमियम सल्फेट कचरे को बारिश से पहले ढकने की तैयारी है। यूपीसीडा के ई-टेंडर में चार कंपनियों ने कचरा ढकने में रुचि दिखाई।
विज्ञापन

कम लागत में काम करने वाली एक कंपनी तय की गई है। हालांकि एवार्ड जारी नहीं हो सका है। इसकी वजह से यूपीसीडा से किस कंपनी को क्रोमियम कचरा ढकने का काम मिला है यह सार्वजनिक नहीं हुआ है।
खानचंद्रपुर में मटियामऊ मार्ग किनारे 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम सल्फेट कचरा खुले में डंप है। छह केमिकल फैक्टरियों का यह कचरा है। एनजीटी की सख्ती पर राज्य सरकार ने यूपीसीडा को कचरा का निपटारा करने के लिए अधिकृत किया है।
विज्ञापन

अगस्त 2020 में क्रोमियम कचरा निस्तारण की कवायद शुरू हुई थी। लेकिन कुंभी में चिह्नित 15 एकड़ भूमि अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में कंक्रीट के गड्ढे बनाकर क्रोमियम सल्फेट का निपटारा कार्य शुरू नहीं हो सका है।
बारिश में क्रोमियम कचरा रिसकर भूजल में मिलने से रोकने के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों ने इसे एचडीईपी जियोमेंबरेन शीट से ढकने की सलाह दी है। करीब दस बीघा भूमि में फैले क्रोमियम सल्फेट कचरे को ढकने के लिए एचडीपीई (उच्च घनत्व पॉलिएथिलीन) जियोमेंब्रेन शीट का प्रयोग होगा।
यूपीसीडा ने इस कार्य में करीब 3.37 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया है। ई-टेंडर के जरिये कंपनियां आमंत्रित की गई थीं। पहले तीन कंपनियां आई थी,, लेकिन एक कंपनी टेक्निकल बिड में बाहर हो गई तो दोबारा से टेंडर मांगे गए। इस बार चार कंपनियों ने क्रोमियम सल्फेट कचरा ढकने में रुचि दिखाई। इसमें से कम लागत दर्शाने वाली एक कंपनी को चयन किया गया है।
खुले में डंप क्रोमियम सल्फेट कचरे को ढकने के लिए एक कंपनी तय की गई है, लेकिन अभी एवार्ड पर हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं। इसको लेकर कंपनी का नाम और रेट सार्वजनिक नहीं किया गया है। दो दिन के अंदर यह काम पूरा हो जाएगा। बारिश से पहले ही क्रोमियम कचरा को ढक दिया जाएगा। - संजय तिवारी, एक्सईएन, यूपीसीडा
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें