बुखार पीड़ित को दवा देते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
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झींझक। ब्लॉक के गढेवा गांव निवासी एक बालक की गुरुवार को बुखार से कानपुर नगर में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, कई और लोगों के बीमार होने की सूचना पर शुक्रवार को झींझक सीएचसी की स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। यहां बुखार से पीड़ित 12 लोगों को दवाएं दी गईं। 30 लोगों की मलेरिया जांच के लिए रक्त की स्लाइड बनाई गई।
गढेवा गांव निवासी दीपचंद्र के बेटे रचित (10) को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसे कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां इलाज के दौरान गुरुवार को उसकी मौत हो गई।
दीपचंद्र ने बताया कि रचित का पहले स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। तब उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। गढेवा में बुखार फैलने की सूचना पर शुक्रवार को झींझक सीएचसी के डॉ. जेपी सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची।
यहां रचित की मां पिंकी (25), पिता दीपचंद्र (30) के अलावा गांव के ताराचंद्र (46), प्रियंका (30), चांदनी (30), शिवा (10), बिटोला (45), छोटी बिट्टी (25) समेत 30 लोगों की मलेरिया जांच के लिए रक्त की पट्टिकाएं बनाई। स्वास्थ्य टीम में लैब टेक्नीशियन सर्वेश पाल, रोहित, दिग्विजय सिंह मौजूद रहे।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि गढेवा गांव निवासी रचित की कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल में बुखार से मौत हो गई थी। इसकी सूचना पर गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई थी। 30 लोगों की मलेरिया जांच के लिए रक्त पट्टिका बनाई गई है। ग्रामीणों से मच्छरदानी का प्रयोग करने व साफ-सफाई रखने को कहा गया है।