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Kanpur Dehat : कार की टक्कर से दुल्हन के चाचा की मौत, विवाह समारोह के दौरान सामान लेने जा रहे थे अकबरपुर

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बाइक में टक्कर मारने वाली कार। संवाद - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। भतीजी के विवाह समारोह के दौरान बरातियों के स्वागत के लिए कुछ सामान लेने जा रहे चाचा की बाइक में गुरुवार रात अकबरपुर ब्लॉक के पास कार ने टक्कर मार दी। हादसे में चाचा की मौत हो गई, साथ में मौजूद साला घायल हो गया। हादसे की खबर से शादी की खुशियां मातम में बदल गई।
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रूरा के रुरवाहार गांव निवासी शशिवेंद्र सिंह उर्फ अवधेश (43) खेतीबाड़ी के साथ ही प्राइवेट नौकरी करते थे। शशिवेंद्र की भतीजी रक्षा की शादी मध्य प्रदेश के भिंड जिले के सुरजीत सिंह भदौरिया के साथ तय हुई थी। गुरुवार की रात को रक्षा की बरात गांव आई थी।
बरातियों का स्वागत करने के दौरान कुछ सामान कम पड़ गया तो शशिवेंद्र अपने साले घाटमपुर पतारा निवासी रजोल सिंह के साथ बाइक से अकबरपुर बाजार खरीदने आ रहे थे। अकबरपुर ब्लॉक के पास पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने शशिवेंद्र की बाइक में टक्कर मार दी। इससे दोनों सड़क पर गिर गए।
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हादसे की सूचना पर पुलिस ने घायल जीजा- साले को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहीं, जानकारी पर परिजन भी चिकित्सालय पहुंचे और दोनों को अकबरपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां देर रात उपचार के दौरान शशिवेंद्र की मौत हो गई।
अस्पताल में भर्ती रजोल की हालत गंभीर बनी है। पुलिस ने कार व चालक को पकड़ लिया है। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि शशिवेंद्र सिंह के भाई राजवेेंद्र सिंह ने कार चालक व मालिक के खिलाफ तहरीर दी है। रिपोर्ट दर्जकर जांच की जा रही है।
रात में उठी दुल्हन की डोली, दोपहर में चाचा की अर्थी
कानपुर देहात। हादसे से पहले शशिवेंद्र के घर में खुशी का माहौल था। बराती डीजे व बैंड बाजे की धुन पर डांस कर रहे थे। अचानक आई एक सूचना से परिवार व रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। परिजनों व रिश्तेदारों की चीखें गूंजते ही बैंडबाजा व डीजे बंद हो गया। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
कई बराती और जनाती बिना भोजन किए चुपचाप समारोह से चले गए। इसके बाद गम में डूबे परिजन तय नहीं कर पा रहे थे कि रक्षा की शादी की रस्में पूरी कराई जाएं या नहीं। वर और वधू पक्ष की सहमति के बाद तय हुआ कि शादी की औपचारिकताओं को पूरा किया जाए।
इसके बाद गम भरे माहौल में शादी की रस्मों को जल्दी-जल्दी कराया गया। देर रात करीब 1:30 बजे रक्षा को परिजनों ने ससुराल के लिए विदा किया। इसके बाद परिजन अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार दोपहर शशिवेंद्र का शव घर पहुंचा, तो फिर रोना पीटना मच गया।
परिजनों की हालत देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। रिश्तेदारों व आसपास के लोगों ने दुखी परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद शशिवेंद्र के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान लोग चर्चा करते रहे कि यह भगवान ने क्या किया। रात में एक घर से दुल्हन विदा हुई, तो दिन में उसके चाचा की अर्थी उठी।
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