ईरान, इस्रराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण रनियां औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों पर काफी असर पड़ा है। प्लास्टिक दाना, केमिकल के बाद अब पॉलीमर मिलना बंद हो गया है। इससे पैकेजिंग (रैपर) बनाने वाले कंपनियों की शिफ्ट बंद हो गई है। विदेशों से आर्डर कम मिलने के कारण कई पैकेजिंग उत्पादन घट गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कुछ प्लांट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
रनियां औद्योगिक क्षेत्र में पैकेजिंग से जुड़ी करीब 50 से 80 इकाइयां संचालित हैं। इन इकाइयों में प्रतिदिन करीब पांच लाख से एक करोड़ रुपये तक का उत्पादन होता है। युद्ध के कारण कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से उत्पादन पर असर पड़ा है और उद्यमियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्यमियों का कहना है कि विदेशों से आने वाला कच्चा माल समय पर नहीं मिल पा रहा है। जो सामग्री उपलब्ध हो रही है, उसके दाम भी काफी बढ़ गए हैं।