रोते बिलखते भूपेंद्र के परिजन। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
संदलपुर। जिगना गांव में परिजनों से विवाद के बाद सोमवार देर रात युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मंगलपुर के जिगना गांव निवासी अमर सिंह का छोटा बेटा भूपेंद्र सिंह (28) वाराणसी में प्राइवेट नौकरी करता है।
11 जून को वह छुट्टी लेकर घर आया था। रविवार देर शाम उसका किसी बात पर परिवार के लोगों से विवाद हो गया। इसके बाद से वह नाराज चल रहा था। सोमवार देर रात भूपेंद्र सिंह ने घर के बहार मवेशियों के बाड़े में लगे पेड़ पर रस्सी का फंदा डालकर फांसी लगा ली।
परिजनों की सुबह नींद खुली तो भूपेंद्र का शव फंदे से लटका देख हड़कंप मच गया। पिता अमर सिंह. बड़े भाई धर्मेंद्र सिंह, हेमेंद्र सिंह और शंकर सिंह बिलख पड़े।
दरोगा नियाज हैदर ने बताया कि अमर सिंह ने बेटे के फांसी लगाने की सूचना दी थी। प्रथम दृष्टया घरवालों से विवाद के चलते भूपेंद्र के जान देने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है।