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कानपुर देहात : राष्ट्रीय लोक अदालत में 23647 वाद निस्तारित, 8.41 करोड़ अर्थदंड वसूला

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माती कचहरी में वादकारियों से बात करते न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी। संवाद - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। माती स्थित कचहरी परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 23647 वाद निस्तारित हुए। यहां आठ करोड़ 41 लाख 41 हजार 838 रुपये अर्थदंड वसूला गया। लोक अदालत का शुभारंभ इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने किया। इस दौरान हड़ताल कर रहे अधिवक्ताओं ने लोक अदालत का विरोध किया।
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लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी ने कहा कि त्वरित, सस्ता व सुलभ न्याय पाना प्रत्येक भारतीय नागरिक का नैतिक अधिकार है। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मोहम्मद तौफीक रजा ने बताया कि जिला जज की कोर्ट में एक वाद का निस्तारण किया गया और 18118 रुपये अर्थदंड वसूला गया।
पारिवारिक न्यायालय में 13 वाद निस्तारित किए गए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 18 वाद का निपटारा करते हुए एक करोड़ चार लाख 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति पीड़ितों को दिलाई गई। स्थायी लोक अदालत में 22 वाद निस्तारित हुए और 17 हजार रुपये अर्थदंड वसूला गया।
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश तृतीय की कोर्ट ने एक वाद का निपटारा हुआ। एडीजे चतुर्थ की कोर्ट में 150 वाद निस्तारित हुए। सीजेएम के अदालत में 712 मामलों का निपटारा करके 58 हजार 120 रुपये अर्थदंड वसूला गया। एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट में 68 वाद निस्तारित किए गए।
न्यायिक मजिस्ट्रेट घाटमपुर की कोर्ट में 220 वाद निस्तारित कर 2300 रुपये की अर्थदंड वसूली हुई। वहीं, बैंक रिकवरी के 713 वादों का निपटारा करते हुए छह करोड़ 60 लाख 31 हजार 633 रुपये बकाया वसूला गया।
कुल 23 हजार 647 वाद निस्तारित करते हुए आठ करोड़ 41 लाख 41 हजार 838 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए। मौके पर न्यायमूर्ति का जिला जज अनिल कुमार झा ने स्वागत किया। इस दौरान देवराज प्रसाद सिंह, सुनील कुमार यादव, राजेश कुमार, शालिनी सिंह आदि न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
विरोध करने में अधिवक्ताओं की पुलिस से नोकझोंक
माती कचहरी में हड़ताल कर रहे अधिवक्ताओं ने लोक अदालत का विरोध किया। सुबह पहुंचे वादकारियों को कचहरी भवन के अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान वहां लगी पुलिस से अधिवक्ताओं की नोकझोंक भी हुई। अधिवक्ता मांगे पूरी होने के बाद ही लोक अदालत सुचारु रुप से चलने की बात कही।
प्रतिनिधि मंडल को न्यायमूर्ति ने वार्ता के लिए बुलाया इस बीच लोक अदालत में काम तेजी पकड़ सका। हालांकि बैंकिंग संबंधी वाद निस्तारण के लिए कचहरी परिसर में कैंप लगाए थे। वहां बैंक स्तर से ही मामले निस्तारित करने का प्रयास चलता रहा। अधिवक्ताओं ने उन कैंपों का विरोध नहीं किया।
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