कानपुर देहात। निजी स्कूलों से बच्चों को लाने व ले जाने वाले वैन संचालक मनमानी कर रहे हैं। बिना पंजीकरण व नियमों की अनदेखी कर वैन संचालक वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे बैठा रहे हैं।
मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा एआरटीओ प्रवर्तन की जांच के दौरान दिखा। पुखरायां में अधिकारी ने एक स्कूली वैन को रोका तो उसमें 20 बच्चे बैठे मिले। जांच में वाहन के कागजात भी पूरे नहीं थे, इस पर उसे सीज कर दिया गया।
जिले में संचालित निजी स्कूलों से बच्चों को लाने व ले जाने के लिए कई वैन चल रही हैं। इनके संचालकों की ओर से परिवहन के नियमों की अनदेखी करने के साथ ही क्षमता से अधिक सवारियां भी बैठाई जाती हैं।
मंगलवार को पुखरायां कस्बा स्थित एक स्कूल से बच्चों को लेकर वैन भोगनीपुर के डींग आ रही थी। रास्ते में जांच के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव और अभिषेक कनौजिया ने वैन रोकी तो उसमें 20 बच्चे बैठे मिले।
क्षमता से अधिक बच्चों को बैठा देख अधिकारियों ने कुछ को अपने वाहन में बैठाकर डींग तक छोड़ा। सभी बच्चों को उतराने के बाद अधिकारियों ने वाहन के कागज चेक किए तो चालक दिखा नहीं पाया।
इस दौरान गाड़ी का पंजीकरण भी व्यवसायिक में दर्ज नहीं मिला। इस पर एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव ने गाड़ी को सीज कर जैनपुर चौकी में खड़ी करा दिया।
एआरटीओ प्रवर्तन अभिषेक कनौजिया ने बताया कि एक वैन में चालक के अलावा 10 बच्चे ही बैठ सकते हैं। चालक ने मानक से ज्यादा बच्चों को बैठा रखा था। उन्होंने कहा कि अभिभावक पीली पट्टी लगे वाहन से ही बच्चों को स्कूल भेजें। इसी तरह जैनपुर में दो मैजिक वाहन के चालान काटे गए।
वर्जन
वैन की आरसी में दर्ज सवारी के अनुसार डेढ़ गुना तक बच्चे बैठाए जा सकते हैं। अगर किसी वैन में छह लोगों के बैठने की क्षमता है तो उसमें नौ बच्चे बैठाए जा सकते हैं। पुखरायां में पकड़ी गई वैन में क्षमता से अधिक बच्चे बैठे मिले, साथ ही चालक कागजात नहीं दिखा पाया। इस पर उसे सीज कर जैनपुर चौकी में खड़ा कराया गया है। - सोमलता यादव, एआरटीओ