डेरापुर (कानपुर देहात)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का दो जून को पैतृक गांव परौंख में आगमन संभावित है। उनके साथ प्रधानमंत्री भी आ सकते हैं। उनकी अगवानी के लिए आठ हेलीपैड बनाने को भूमि चयनित की गई है।
इसमें आम के दस व नीम के चार पेड़ बाधक बन रहे हैं। इनको काटा जाना लगभग तय है। एसडीएम का कहना है कि पेड़ों की कीमत का आकलन वन विभाग से कराने को कहा गया है।
पेड़ काटे गए तो मुआवजा किसान को दिया जाएगा। पेड़ काटे जाने के बाबत एसपीजी को पत्र लिखकर सूचित किया जाएगा। एसपीजी की हरी झंडी के बाद ही पेड़ काटे जाएंगे या नहीं, इसका फैसला होगा।
एडीएम गरिमा सिंह व एसडीएम साक्षी शर्मा की मौजूदगी में शुक्रवार को राजस्व व वन विभाग की टीम ने आम व नीम के पेड़ों की पैमाइश की। संरक्षित श्रेणी के हरे पेड़ों को काटने के लिए किसान से सहमति व वन विभाग से अनुमति लेने की तैयारी चल रही है।
वन दरोगा शिवम पांडेय ने बताया कि सभी पेड़ों के मूल्यांकन के लिए टीम के रामचंद्र, डोरीलाल, अरविंद कुमार, राजस्व टीम के लेखपाल सर्वेश पाल, अशोक कुमार, नितिन आदि ने पैमाइश कर ली है। जिनकी मूल्यांकन रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
इसी के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि दो जून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिले में आगमन संभावित है। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।
84 किसानों की भूमि चिह्नित
अभी तक आठ हेलीपैड के लिए 44 और जनसभा के लिए लगने वाले पंडाल के लिए 40 किसानों की भूमि चिह्नित की जा चुकी है। खेत में खड़ी फसल का आंकलन कर कीमत व पैदावार को आधार मानकर मुआवजा तय किया जाएगा। आवश्यकतानुसार और भूमि भी चिह्नित की जा सकती है।