झींझक। मंगलपुर क्षेत्र निवासी एक महिला से शातिरों ने पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर 10.85 लाख रुपये ठग लिए। शातिरों ने एक कंपनी की फर्जी वेबसाइट बनाकर पेट्रोल पंप दिलाने का विज्ञापन डाला था। सीओ डेरापुर के निर्देश पर पुलिस ने दो मोबाइल नंबरों के आधार पर केस दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
मंगलपुर क्षेत्र के लक्ष्मणपुर औरंगाबाद झड़ा गांव निवासी शशिकांत की पत्नी आशा देवी ने सीओ डेरापुर को बताया कि अगस्त 2021 को नायरा इनर्जी लिमिटेड कंपनी के नाम की वेबसाइट देखी तो उसमें पेट्रोल पंप का विज्ञापन निकला था।
पेट्रोल पंप लेने के लिए मोबाइल से ऑनलाइन आवेदन कर दिया। कुछ दिनों बाद पुत्र की ईमेल पर मैसेज आया कि पेट्रोल पंप स्वीकृत हो गया है। वहीं, 60 हजार रुपये जमा कराने को कहा गया। 14 सितंबर 2021 को कंपनी के खाते में रुपये आरटीजीएस से जमा किए।
दोबारा पत्र आया कि एनओसी के लिए रुपये जमा करना है। इस पर सात अक्तूबर 2021 को कंपनी के कैनरा बैंक कैंडी मुंबई के खाते में दो लाख 90 हजार रुपये डाल दिया। फिर ईमेल पर पत्र आया कि लाइसेंस फीस के लिए रुपये जमा करने हैं।
इस पर कंपनी के कैंडी मुंबई केनरा बैंक खाते में सात लाख 35 हजार रुपये 21 अक्तूबर 2021 को भेज दिए। इसके बाद फिर से एक पत्र ईमेल पर फिर आया कि और रुपये डालो तो शक हुआ।
उक्त कंपनी की लखनऊ शाखा में पता किया तो पता चला कि शातिरों ने नायरा इनर्जी कंपनी के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी की है। प्रकरण में सीओ डेरापुर ने केस दर्ज करने के निर्देश दिए। निरीक्षक मंगलपुर एसके मिश्र ने बताया कि दो मोबाइल नंबरों के आधार पर धोखाधड़ी व आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है।