शीत लहर बढ़ा रही पुरानी बीमारी, ठंड लगने से बच्चों में विंटर डायरिया, निमोनिया तेज
ठंड लगने से बच्चे विंटर डायरिया और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं
कार्डियोलॉजी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप देखने को मिल रहा है। ठंड और कोहरे की दोहरी मार से पुराने रोगियों की हालत बिगड़ रही है। जिससे सांस के रोगियों को सबसे अधिक तकलीफ हो रही है। वहीं हार्ट अटैक से अबतक दो और दमा के एक रोगी की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही ठंड लगने से बच्चे विंटर डायरिया और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं।
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कार्डियोलॉजी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है। गंभीर हालत में आए रोगियों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। हैलट में सांस फूलने की शिकायत लेकर आए खांसी, जुकाम, बुखार के रोगियों का सैंपल कोविड जांच के वास्ते लिया गया है।
कार्डियोलॉजी की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार देर रात हृदय के दो रोगियों की मौत हो गई।इसी तरह रावतपुर में दमा रोगी शकुंतला (65) की मौत हो गई। रोगी का इलाज चेस्ट हॉस्पिटल में ओपीडी स्तर पर चल रहा था। परिजनों ने बताया कि दवा से रोगी की स्थिति नियंत्रित थी। लेकिन गुरुवार तड़के अचानक बिगड़ गई। इसके बाद मौत हो गई। हैलट इमरजेंसी में गुर्दा रोगी और ब्रेन अटैक के रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि क्रोनिक रोगी ठंड से बचें। उन्होंने बताया कि इससे हार्ट और ब्रेन अटैक का खतरा रहता है।