कानपुर के महाराजपुर में घर से तिलक समारोह में शामिल होने के लिए निकले नर्वल के सेमरुवा निवासी फैक्टरी कर्मी विनोद दीक्षित (55) का शव रविवार सुबह सड़क किनारे पड़ा मिला। परिजनों ने शरीर पर चोट देख हत्या का आरोप लगा हंगामा किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विनोद के बेटे राहुल ने बताया कि शनिवार शाम करीब 5.30 बजे पिता साइकिल से कुढ़गांव में एक समारोह में शामिल होने के लिए निकले थे। जहां से उन्हें रूमा स्थित फैक्टरी में नाइट ड्यूटी पर जाना था।
रविवार सुबह उनका शव करौली मोड़ पर मिला। चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान व गमछा खून से लथपथ था। परिजनों ने पुरानी रंजिश में गांव के ही आधा दर्जन से अधिक लोगों पर हत्या का आरोप लगा हंगामा करना शुरू कर दिया।
पुलिस को शव के पास से मोबाइल और साइकिल नहीं मिली। घटनास्थल से 100 मीटर दूर किसी वाहन के शीशे के टुकड़े व खून पड़ा था। सीओ ने प्राथमिक जांच में सड़क हादसे में मौत की आशंका जाहिर की है। हंगामा कर रहे परिजनों को पुलिस करीब दो घंटे बाद शांत कर सकी।
बेटी की डोली उठने से पहले उठी पिता की अर्थी
विनोद की पत्नी मीरा देवी, दो बेटे सत्येंद्र उर्फ राहुल, प्रबल व तीन बेटियां शिखा, संध्या व मोनिका है। एक दिसंबर को संध्या की शादी है। ऐसे में सारी खुशियां काफूर हो गईं।