शहर की बेटी आकांक्षा के चेहरे पर जीत की खुशी
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ढाका में हुए हैंडबाल मैच में बांग्लादेश की टीम को हाराकर जीत का पताका लहराने वाली इंटरनेशनल भारतीय टीम में शहर की बेटी आकांक्षा भी शामिल थी। आकांक्षा यूपी से अकेली खिलाड़ी थी, जिसका चयन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ था। प्राइवेट जॉब करने वाले पिता गोविंद सिंह वर्मा और सिलाई कर बिटिया को आगे बढ़ाने वाली मां सावित्री सिंह बेटी की इस सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं।
आकांक्षा शनिवार को ही नेहरू नगर स्थित अपने घर पहुंची। 14 सदस्यीय अंडर 20 इंटरनेशनल हैंडबाल टीम के चयन के लिए 17 और 18 सितंबर को गुजरात में ट्रायल हुआ। इसमें कानपुर की आकांक्षा वर्मा समेत यूपी की तीन लड़कियों का चयन हुआ। चार अक्तूबर को हुए फाइनल ट्रायल में यूपी से आकांक्षा वर्मा का ही चयन हुआ।
इसके बाद नौ से 13 अक्तूबर तक ढाका में हुई आईएचफ (इंटरनेशनल हैंडबाल फेडरेशन) ट्राफी टूर्नामेंट में भेजा गया। इंडिया ने पहले मैच में पाकिस्तान को हराया। इसके बाद नेपाल और माल द्वीप की हराकर श्रीलंका से सेमीफाइनल जीता। फाइनल में बांग्लादेश को हराकर गोल्ड मेडल और ट्राफी में कब्जा जमाया। आल इंडिया हैंडबाल फेडरेशन के सचिव आनंदेश्वर पांडेय ने बताया कि आकांक्षा वर्मा का प्रदर्शन भी शानदार रहा।