उमस से बने चक्रवात ने शनिवार को झमाझम बारिश करा दी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग की वेधशाला में 12.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस तरह सितंबर के महीने में अब तक कुल बारिश 191.5 मिमी हो गई। सितंबर की सामान्य औसत बारिश 169 मिमी है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का मुख्य कारण मानसून की विदाई से पहले सक्रिय हुआ एक स्थानीय चक्रवात और उमस है।
पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी बनी हुई थी। इससे लो प्रेशर होने से चक्रवात बन गया। माहौल में नमी का स्तर 90 फीसदी तक पहुंच जाने के कारण दोपहर के समय अचानक गरज-चमक वाले बादल बन गए और बारिश शुरू हो गई। यह बारिश अंडमान सागर वाले नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण नहीं है, क्योंकि वह सिस्टम अभी बहुत दूर है।
कानपुर में बारिश
- फोटो : अमर उजाला
देश के मध्य भागों में पहले से मौजूद एक ट्रफ लाइन और स्थानीय बदलावों के कारण यह विदाई से पहले की मानसूनी बारिश हो रही है। विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि 20 से 22 सितंबर तक मौसम फिर से साफ हो जाएगा।
कानपुर में बारिश
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अंडमान सागर में बनने वाले नए सिस्टम का असली असर कानपुर परिक्षेत्र में 24 और 25 सितंबर को दिखेगा। तब लगातार और तेज बारिश होने की संभावना है। यह सिस्टम अपनी जगह पर मजबूती से बना हुआ है। उत्तर अंडमान सागर के ऊपर 7.6 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है। यह आने वाले तीन-चार दिन में पूरे देश खासकर पूर्वी और मध्य भारत के मौसम को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लेगा।