महाकुंभ में जाने के लिए भीषण ठंड में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सोमवार से मंगलवार शाम तक 72 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने ट्रेन से यात्रा की। भीड़ बढ़ती देख प्रबंधन को सेंट्रल स्टेशन और गोविंदपुरी से 26 से ज्यादा मेमू चलानी पड़ीं। इससे भी काम नहीं बना तो देर रात सवा एक बजे कुंभ मेला स्पेशल (मेमू) को करबिगवां से मंगवाकर तीन हजार यात्रियों को प्रयागराज भेजा गया। जीआरपी, आरपीएफ और रेल कर्मी ड्यूटी खत्म होने के बावजूद सुबह छह बजे तक तैनात रहे।
सीटीएम आशुतोष सिंह ने बताया मकर संक्रांति के शाही स्नान पर प्रयागराज पहुंचने के लिए सोमवार शाम से ही यात्रियों का स्टेशन पर जुटना शुरू हो गया था। गोविंदपुरी और सेंट्रल से चलने वाली 32 स्पेशल समेत 50 से ज्यादा ट्रेनों में यात्री प्रयागराज के लिए रवाना हुए। देर रात साढ़े बारह बजे करीब प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर अचानक यात्रियों की भीड़ जमा हो गई। जीआरपी, आरपीएफ व रेल विभाग के 200 कर्मचारी स्टेशन पर पहुंचे और लाउडस्पीकर के माध्यम से यात्रियों को अपनी जगह पर ठहरने के लिए कहा गया। करबिगवां से 00114 कुंभ मेला स्पेशल (मेमू) बुलवाई गई। इसे आने में लगभग आधे घंटे का समय लगा। रात सवा एक बजे लगभग 3000 हजार यात्रियों को मेमू से प्रयागराज रवाना किया गया।
कुंभ से लौटे तो रोडवेज की बसें बनीं सहारा
महाकुंभ में मकर संक्रांति पर शाही स्नान करने के लिए सोमवार को ही श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच गए थे। मंगलवार को प्रयागराज से लौटने वाली ट्रेनें खचाखच भरकर सेंट्रल पहुंची। स्टेशन सुप्रीटेंडेंट अवधेश द्विवेदी ने बताया प्लेटफॉर्म नंबर तीन, चार और पांच पर कुंभ वापसी और प्लेटफॉर्म एक और दो से प्रयागराज को जाने वाली ट्रेनों को ठहराव दिया जा रहा है। अकबर-पुखरांया, कन्नौज-फर्रुखाबाद और हमीरपुर जाने वाले यात्रियों को होल्डिंग एरिया में खड़ी चार बसों से रवाना किया गया।
ठंड में 30 यात्रियों की तबीयत बिगड़ी, दवा देकर भेजा
भीषण ठंड में यात्रा के दौरान सोमवार से मंगलवार दोपहर तक 30 यात्रियों की तबीयत बिगड़ गई। क्यूआरटी टीम ने बीमार यात्रियों को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बने मेडिकल कैंप पर भेजा। कोई गंभीर मरीज यहां नहीं पहुंचा। डॉ. सतीष गुप्ता ने बताया कि डॉ. एके सिंह, डॉ. हिमांशू की ड्यूटी रोस्टर वार लगाई जा रही है। स्टाफ नर्स मोनिका, फार्मासिस्ट रवि, रामलखन आदि की भी तैनाती है।