क्राइम ब्रांच में तैनात दो सिपाही शनिवार को लाइन हाजिर कर दिए गए। इन्होंने एक युवक को फर्जी फंसाने का प्रयास किया था। एक सिपाही के पीएम पर किए गए विवादित फेसबुक पोस्ट भी दो दिन पहले वायरल हुए थे। विभागीय जांच जारी है। लंबे समय से सिपाही क्राइम ब्रांच में टिके हुए थे।
अप्रैल में क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही बंधन कटियार व अरविंद सिंह ने एक युवक को पकड़ा था। दावा किया था कि वह मादक पदार्थ बेचता है। तत्कालीन रायपुरवा इंस्पेक्टर विनय शर्मा ने आपत्ति जताई थी कि युवक के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई थी। कुछ देर बाद ये सिपाही मादक पदार्थ की 48 पुड़िया ले आए थे।
इस पर इंस्पेक्टर ने सिपाहियों की शिकायत कर दी थी। सिपाही जांच में दोषी पाए गए थे लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं की गई थी। शनिवार को पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने प्रकरण का संज्ञान लेकर दोनों को लाइन हाजिर किया। वहीं अरविंद ने फेसबुक पर राजनीतिक पोस्ट शेयर किए हैं। इसकी जांच एडीसीपी क्राइम कर रहे हैं।
आखिर 48 पुड़िया कहां से लाए थे सिपाही
मामले में सबसे बड़ा सवाल है कि सिपाही 48 पुड़िया मादक पदार्थ कहां से लाए थे। ऐसे में सिपाहियों पर बड़ी कार्रवाई संभव है। हैरानी की बात ये है कि विभागीय जांच की फाइल एक अफसर लंबे समय से दबाए बैठे हैं।