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जानवरों की धमाचौकड़ी दिन में अधिक रहती है
रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है। मुख्य द्वार पर कीचड़ है, बैठने वाली बेंच टूटी है। टिनशेड भी टूटे हैं और रेलिंग जगह-जगह से गायब है। जानवरों की धमाचौकड़ी दिन में अधिक रहती है, जहां अंत्योष्टि स्थल में कुत्ते आराम फरमाते देखे जाते हैं। दूर दराज से अंतिम संस्कार कराने वाले लोग यहां की बजाए मिश्रा काॅलोनी श्मशान घाट पहुंच जाते हैं।
दुरूस्त कराई जाएंगी व्यवस्थाएं
यहां लोड बढ़ जाने से व्यवस्था अस्त व्यस्त हो जाती है। घाट के डोम कैलाश ने बताया कि शाम होते ही यहां नशेबाजी शुरू हो जाती है जबकि बगल में ही पुलिस चौकी भी है। बालू घाट चौकी प्रभारी अरुण त्रिपाठी ने बताया कि रात के साथ अब शाम को भी गश्त बढ़ाई जाएगी। पालिका ईओ राजेश कुमार ने बताया कि यहां की व्यवस्थाएं एक दो दिनों में दुरूस्त कराई जाएगी।