भूसाटोली बर्तन बाजार (कछियाना मोहाल) के तीन और मकानों में गुरुवार को दरारें आ गईं। मकानों में रह रहे लोगों के दिन का चैन और रात की नींद हराम हो गई है। प्रभावित परिवारों ने मेट्रो सुरंग और उसमें ट्रेनें चलने से कंपन के कारण मकान क्षतिग्रस्त होने का आरोप लगाया है। उधर, नगर निगम के मुख्य अभियंता एसएफए जैदी ने मेट्रो सुरंग के आसपास बने मकानों का वैज्ञानिक पद्धति से तकनीकी परीक्षण कराने और सुरक्षा के उपाय करने के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मुख्य परियोजना प्रबंधक को पत्र लिखा है।
भूसाटोली बर्तन बाजार में 13 जुलाई को सीवर लाइन और चैंबर धसने से तीन मंजिला मकान का काफी हिस्सा ढह गया था। मकान में छह महीने से दरारें बढ़जी जा रही हैं। मेट्रो ने इस मकान का चार दिन पहले सर्वे किया था पर मरम्मत नहीं कराई। गुरुवार को कछियाना मोहाल स्थित दीपू मिश्रा, कौशल किशोर मिश्रा और दानाखोरी निवासी अनिल कुमार विजय कुमार गुप्ता के मकानों की दीवारों, पिलर आदि में दरारें आ गईं। अनिल कुमार के मकान की पहली मंजिल की छत और बाहरी दीवारों का प्लास्टर चटक गया है। पहली मंजिल पर बने दोनों कमरों में छत से पानी बहकर आ रहा है। ग्राउंड फ्लोर से फर्स्ट फ्लोर तक दीवार का प्लास्टर चटक रहा है।