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कानपुर: ओईएफ में निगमीकरण का विरोध, कर्मचारियों ने काला फीता बांध मनाया कॉरपोरेशन विरोध दिवस, उठाई ये मांगें

Thu, 01 Oct 2026 10:52 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: ऑर्डनेंस इक्यूपमेंट फैक्टरी में यूनाइटेड फोरम ऑफ ऑर्डनेंस एम्प्लाइज के आह्वान पर कर्मचारियों ने कॉरपोरेशन विरोध दिवस मनाया। बीपीएमएस के संयुक्त मंत्री योगेंद्र सिंह चौहान ने केंद्र सरकार से निगमीकरण का फैसला वापस लेकर ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों की पुरानी सरकारी व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
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ओईएफ कानपुर में कॉरपोरेशन विरोध दिवस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर की प्रमुख आयुध निर्माणी ओईएफ (ऑर्डनेंस इक्यूपमेंट फैक्टरी) में यूनाइटेड फोरम ऑफ ऑर्डनेंस एम्प्लाइज के केंद्रीय आह्वान पर कर्मचारियों ने कॉरपोरेशन डे का बहिष्कार करते हुए कॉरपोरेशन विरोध दिवस मनाया। एक अक्टूबर को ओईएफ के मुख्य द्वार पर जमा हुए कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर केंद्र सरकार द्वारा ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण के निर्णय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

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इस दौरान ओईएफ मजदूर संघ, एच एंड एस फैक्टरी एम्प्लाइज यूनियन और सीडीआरए (के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के संयुक्त मंत्री एवं यूएफओई संयोजक योगेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण के बाद से ही कर्मचारी लगातार कॉरपोरेशन डे समारोह का बहिष्कार करते आ रहे हैं।

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निगमीकरण का फैसला वापस ले सरकार

महासंघों के परिपत्र के अनुसार देश की सभी 41 ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों में कर्मचारियों ने कॉरपोरेशन डे का बहिष्कार किया है। उन्होंने मांग उठाई कि ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों को पुनः पूर्ण रूप से सरकारी संगठन का दर्जा दिया जाए और निगमीकरण का फैसला वापस लिया जाए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने की तिथि तक सरकारी कर्मचारी बने रहने का विकल्प दिया है, जो राहत की बात है।

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सातों डीपीएसयू को नामिनेशन के आधार पर मिले काम का टारगेट
इसके साथ ही सरकार को ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों से बनीं सभी सातों डीपीएसयू को नामिनेशन के आधार पर नियमित टारगेट देने का आदेश भी पारित करना चाहिए। इससे न केवल कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा, बल्कि संकट के समय निर्माणियां भारतीय सेनाओं को निर्बाध साजो-सामान की आपूर्ति सुनिश्चित कर सकेंगी। इस दौरान दीपक शुक्ला, मो. सलीम, रवी द्विवेदी, जाकिर, जमालुद्दीन, धीरेंद्र वर्मा, सूरज चौधरी, श्रीराम सहित सैकड़ों की संख्या में प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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