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खुद पर भी जानलेवा हमला किए जाने की आशंका जताई
तभी उप सभापति अभिनव उर्फ गोलू शुक्ला के अलावा पार्षद आकर्ष बाजपेई, गोविंद शुक्ला, विद्या वर्मा व वंदना शर्मा ने उन्हें घेरकर धक्का-मुक्की और अभद्रता की। पार्षद के मुताबिक उन्हें नौटंकीबाज व फोटो खिंचास कहते हुए सदन से बार जाने के लिए कहा गया। पार्षद ने खुद पर कभी भी जानलेवा हमला किए जाने की आशंका जताई। डीसीपी का कहना है कि सदन की कार्रवाई के दौरान वहां कैमरे चल रहे थे लिहाजा आरोपी पार्षदों से पूछताछ और फुटेज देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महापौर की ओर से भी मिल सकती है तहरीर
सीपी रघुबीर लाल का कहना है कि मिलने वाली हर एक तहरीर की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि महापौर की ओर से भी तहरीर देने की बात की गई है लेकिन अभी तक दी नहीं गई है। यदि कोई तहरीर आएगी तो उनकी भी जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
एकत्र किए गए फुटेज और लिए गए कर्मियों के बयान
पार्षद पवन गुप्ता की ओर से मंगलवार को दी गई तहरीर की जांच एसीपी स्वरूपनगर को दी गई है। इसके तहत बुधवार को पुलिस की एक टीम नगर निगम पहुंची। बताया जाता है कि जिस समिति कक्ष में भाजपा नेता मनीष बाजपेई के साथ घटना हुई है वहां के अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के कुछ फुटेज एकत्र किए गए हैं। घटना के दौरान मौजूद नगर निगम कर्मियों से भी पूछताछ की गई है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें पवन गुप्ता ने महापौर के दोनों बेटों के खिलाफ मारपीट करने की तहरीर दी गई थी।
सदन में तो पार्षदों के बीच इस तरह बातचीत होती ही रहती है। अगर उन्हें केस दर्ज कराना ही था तो उसी दिन करातीं। अभी मैं बाहर हूं। इस बारे में लौटकर बात करूंगी। -प्रमिला पांडेय, महापौर
ये लोग सदन नहीं चलने देना चाहते थे। जब सीट पर बैठे थे तो आगे आकर कार्रवाई में बाधा क्यों उत्पन्न की। हमने कोई अभद्रता नहीं की। सिर्फ यह कहा था कि जो लोग सदन नहीं चलने दे रहे उन्हें बाहर किया जाए। -आकर्ष बाजपेई, पार्षद, वार्ड- 32
सदन में सभी को अपनी बात कहने का हक है। हाथापाई का प्रयास या धमकी देने जैसा कुछ नहीं हुआ बल्कि उन्होंने ही अभद्रता की थी। इस तरह के आरोप निराधार हैं। -विद्या देवी, पार्षद, वार्ड-16
सदन की गरिमा उन लोगों ने तार-तार की है। लगाए गए आरोप झूठे हैं। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ बल्कि सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में लक्ष्मी कोरी ही हाथ उठाते दिख रही हैं। -वंदना गुंजन शर्मा, पार्षद, वार्ड-72
सदन के अंदर के मामलों पर कुछ भी हमारी अध्यक्ष कहेंगी। उस दिन वहां जो भी हुआ सभी जानते हैं। इस बारे में कुछ भी नहीं कहना। -गोविंद शुक्ला, पार्षद, वार्ड- 59
सदन में मैं अपनी सीट पर बैठा था। लक्ष्मी कोरी उठ कर आईं और जोर-जोर से चिल्लाते हुए हंगामा करने लगीं। मैंने पार्षद विद्या देवी से सिर्फ इन्हें शांत कराने को कहा था बाकी कुछ नहीं हुआ। आज तक इनसे कभी बात भी नहीं की। -अभिनव शुक्ला उर्फ गोलू, उप सभापति व पार्षद, वार्ड-66