कानपुर में शुरुआत में धीमे-धीमे फैले कोरोना संक्रमण ने अचानक इतनी तेज छलांग लगाई कि स्वास्थ्य विभाग भी भौचक्का रह गया। शुरुआत में 28 दिन में 50 रोगी मिले थे, उसी गति से महकमा भी संक्रमण की घेरेबंदी में लगा था। लेकिन बाद में सात गुना अधिक रफ्तार से चार दिन में ही 50 रोगी मिल गए। 19 अप्रैल के बाद कोरोना संक्रमण के फैलाव और तेजी से गति पकड़ ली।
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मार्च में पहला रोगी एनआरआई सिटी में मिला था। इसके बाद जमातियों का सिलसिला शुरू हुआ। इनकी जांच के बाद कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़ने लगी। अभी स्वास्थ्य विभाग इनके संपर्क में आने वालों को बाबूपुरवा में तलाश ही रहा था कि कर्नलगंज, कुली बाजार में संक्रमित मिलने लगे। इसके साथ ही हॉटस्पॉट भी बढ़ते गए।
कोरोना संक्रमण का फैलाव बढ़ता चला गया। जमातियों के चक्कर में कोरोना मदरसों में तो घुसा ही, इसके साथ इसने घरों में एंट्री ले ली। महिलाओं के संक्रमित होने से खतरा और अधिक बढ़ गया। शहर में जांचें न होने के कारण भी संक्रमित व्यक्ति की पुष्टि होने और रोकथाम के उपाय लागू होने में गैप होता चला गया।
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जब पुष्टि हुई तो संबंधित व्यक्ति और उसके संपर्क में आने वालों को क्वारंटीन किया गया। इसमें तीन-चार दिन लगे तब तक वे बहुत से लोगों को संक्रमण बांट चुके थे। कानपुर में कोरोना संक्रमण का दायरा किसी एक आयु वर्ग तक निश्चित नहीं है। इसकी जद में 10 साल के मदरसा छात्र से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग आ गए हैं। इसके साथ ही महिलाएं भी आ गई हैं।
संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। इसकी वजह है कि लोग लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। लोग बाहर घूमते हैं और इकट्ठे होकर खड़े होते हैं। इससे संक्रमण पर लगाम नहीं रही। अब रणनीति बदल कर सख्ती की जाएगी। लोगों से अपील भी की जा रही है। - डॉ. अशोक शुक्ला, सीएमओ
जूता घर के बाहर उतारने की नसीहत
डीएम डॉ. ब्रह्मदेव तिवारी ने लोगों से जूते घर के बाहर उतारने का मशविरा दिया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि है जूते घर के अंदर पहनकर जाने से संक्रमण घर में जा सकता है। इसके साथ ही लोग सफाई रखें। लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
23 मार्च को पहला रोगी, तीन अप्रैल को छह रोगी, पांच अप्रैल को एक रोगी, छह अप्रैल को दो रोगी, आठ अप्रैल को एक रोगी, 14 अप्रैल को नौ रोगी और पहली मौत, 15 अप्रैल को तीन रोगी, 16 अप्रैल को चार रोगी, 17 अप्रैल को दो रोगी, 18 अप्रैल को दो रोगी, 19 अप्रैल को 26 रोगी, 20 अप्रैल को 19 रोगी और दूसरी मौत, 21 अप्रैल को तीन रोगी, 22 अप्रैल को चार रोगी, 23 अप्रैल को 24 रोगी और तीसरी मौत, 24 अप्रैल को 37 रोगी, 25 अप्रैल को 21 रोगी, 26 अप्रैल को 26 रोगी, 27 अप्रैल को सात रोगी।
ऐसे चला कोरोना का मीटर
23 मार्च को एनआरआई सिटी में पहला रोगी मिला
19 अप्रैल को 57 रोगी
23 अप्रैल को 107
25 अप्रैल को 165
26 अप्रैल को 192
27 अप्रैल को 198
28 अप्रैल को 200