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कोरोना योद्धा: कोरोना को मात देने के लिए कहीं दंपति तो कहीं पिता-पुत्री लड़ रहे जंग

Tue, 28 Apr 2020 10:10 AM IST
शिखा पांडेय आनंद मिश्रा, अमर उजाला, हरदोई
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कोरोना योद्धा - फोटो : अमर उजाला
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हरदोई- कोरोना वायरस के कारण उपजे आपदा जैसे हालातों के बीच भी अगर भारत मुखरता से कोरोना से लड़ रहा है तो इसके पीछे अनगिनत योद्धाओं का योगदान भी है। इस संकटकाल में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका स्वास्थ्य कर्मियों की है, जो दिन रात एककर इस महामारी से निपटने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। खास बात यह है कि कोरोना से चल रही इस जंग में कहीं पिता-पुत्र महामारी से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं तो कहीं पति-पत्नी अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना को हराने के लिए आतुर हैं।
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अर्चना अहिरवार और रामनिवास की जोड़ी कर रही घर-घर स्क्रीनिंग
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अधीन मेडिकल अफसर के पद पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरियावां में तैनात डॉ. अर्चना अहिरवार के पति डॉ. रामनिवास भी आरबीएसके के तहत सुरसा में तैनात हैं। इन दिनों जनपद के संडीला और गोपामऊ कस्बे में चल रहे घर-घर स्क्रीनिंग के कार्य में अर्चना और रामनिवास की ड्यूटी लगी है। इससे पहले भी बिलग्राम, पिहानी, पाली, सांडी में हुई थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान भी दोनों ड्यूटी करते रहे।
 
पिता-पुत्री की जोड़ी कोरोना को हराने में जुटी
आरबीएसके के तहत टड़ियांवा में तैनात पिता-पुत्री भी कोरोना से जंग में मिलकर दो-दो हाथ कर रहे हैं। डॉ. रामलखन गुप्ता और उनकी पुत्री डॉ. सुरुचि गुप्ता की ड्यूटी भी लगातार जनपद के अलग-अलग कस्बों और ग्रामीण इलाकों में चल रही स्क्रीनिंग में लगी हुई है। पिता-पुत्री पूरी तन्मयता के साथ अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं। दोनों का कहना है कि फर्ज से बढ़कर कुछ भी नहीं और फिर चिकित्सकों का तो फर्ज है कि हर पीड़ित की मदद करना। यहां तो लोगों को पीड़ित होने से बचाने में ही लगे हैं।
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पिता जिला अस्पताल में, बेटा सुरसा में संभाल रहा जिम्मेदारी
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक रह चुके डॉ. आरके मिश्रा इन दिनों जिला अस्पताल में संविदा पर सेवायें दे रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके मिश्रा भी कोरोना से चल रही जंग में अपना योगदान दे रहे हैं तो उनके पुत्र डॉ. मनु मिश्रा भी पीछे नहीं हैं। डॉ. मनु मिश्रा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में सुरसा के मेडिकल आफीसर हैं। डॉ. मनु मिश्रा भी लगातार थर्मल स्क्रीनिंग का कार्य कर रही टीमों में शामिल हैं। पिता-पुत्र की यह जोड़ी अपना फर्ज निभा रही है तो ईश्वर के कर्ज को चुकाने की भी कोशिश कर रही है। पिता-पुत्र कहते हैं कि ईश्वर की कृपा है जो इस लायक बनाया कि इस संकटकाल में हम भी सेवायें दे पा रहे हैं।
 
इस जोड़ी को भी सैल्यूट, दिन-रात कर रही ड्यूटी
शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष चिकित्सक के पद पर तैनात डॉ. सौरभ गुप्ता अपनी पत्नी डॉ. पारुल गुप्ता के साथ कोरोना संकट से निपटने के लिए चल रही जंग में पीछे नहीं हैं। डॉ. पारुल गुप्ता भी शाहाबाद में आरबीएसके की टीम में है। डॉ. सौरभ और डॉ. पारुल की जोड़ी भी कोरोना संकटकाल में विभाग की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी मेहनत और ईमानदारी से कर रही हैं। जब थर्मल स्क्रीनिंग में दंपत्ति की ड्यूटी लगी तो दोनों ने कार्य किया और वैसे भी शाहाबाद में स्थितियों से निपटने में डॉ. सौरभ सीएचसी पर लगातार सेवायें दे रहे हैं।
 
फर्ज बड़ा उससे भी बड़ी इंसानियत
पिहानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक के पद पर डॉ. शबा के पति डॉ. जुबैर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पिहानी में तैनात हैं। दंपत्ति ने पिहानी में हुई थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान रात-दिन एककर मेहनत की और अब भी लगातार भ्रमण कर रहीं स्वास्थ्य टीमों में डॉ. शबा और जुबैर भी शामिल हैं। पिहानी में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव भी मिला था, जो कि अब स्वस्थ हो चुका है। डॉ. शबा और डॉ. जुबैर कहते हैं कि फर्ज से बढ़कर भी इंसानियत है। चिकित्सक होने के नाते अपना फर्ज निभा रहे हैं और इंसान होने के नाते अपनी जिम्मेदारी भी जानते हैं इसलिए रात-दिन एककर इस संकट की घड़ी में काम कर रहे हैं।
 
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