अति कुपोषित
पांच साल से कम : 10 फीसदी
पांच से 10 साल : 07 फीसदी
11 से 15 साल : 5 फीसदी
उम्र के हिसाब से बच्चों के वजन के अलग-अलग मानक तय हैं। इस मानक के हिसाब से अगर बच्चे का वजन 60 प्रतिशत से कम हो तो वह अतिकुपोषित श्रेणी में आएगा।
सबसे ज्यादा खतरा अतिकुपोषित बच्चों को रहता है। ये निमोनिया की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। इसके साथ ही इन्हें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है। पांच से 12 साल के बीच का आयु वर्ग अधिक संवेदनशील होता है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए अलर्ट रहने की जरूरत है। अतिकुपोषित बच्चों के मां-बाप खासतौर पर सतर्क रहें।- डॉ. वीएन त्रिपाठी, वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ और पूर्व महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा