मौतों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड होने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की टीम इनका ऑडिट करेगी। कोरोना की दूसरी लहर की पीक में कहां कितने संक्रमित मरीज मरे, इसकी स्थिति सारी मौतें अपलोड होने के बाद साफ होगी।
कानपुर में हैलट अस्पताल की तरह ही निजी कोविड अस्पताल भी कोरोना से हुई सवा सौ मौतों का आंकड़ा दबाए बैठे हैं। इन अस्पतालों ने मौतों का ब्योरा देर से देकर आंकड़ों में घालमेल किया है। अब डेथ ऑडिट कमेटी ने इनसे ब्योरा तलब किया है।
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साथ ही सीएमओ कार्यालय ने भी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इन मौतों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड होने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की टीम इनका ऑडिट करेगी। कोरोना की दूसरी लहर की पीक में कहां कितने संक्रमित मरीज मरे, इसकी स्थिति सारी मौतें अपलोड होने के बाद साफ होगी।
मोटा-मोटा आकलन किया जाए तो एक अप्रैल से 30 मई तक 843 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। इनमें पांच सौ मौतें हैलट में बताई जा रही हैं। बाकी 343 मौतों का ब्योरा अभी जुटाया जा रहा है। इनमें सवा सौ मौतें निजी अस्पतालों की बताई जा रही हैं, जो अभी तक अपलोड नहीं की गई हैं।
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साथ ही हैलट की भी मौतें हैं, जिनका ब्योरा जुटाकर चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। यहां अब तक कोरोना से हुई 160 मौतें चिह्नित भी की जा चुकी हैं, जिनका ब्योरा पोर्टल पर अपलोड नहीं है। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह का कहना है कि आंकड़े दुरुस्त करने के लिए अभियान चलाया गया।
अब भी आंकड़े संकलित कर अपडेट किया जा रहा है, जिससे सारी स्थिति स्पष्ट हो जाए। साथ ही कोरोना से होने वाली हर मौत का ऑडिट होना है। जब आंकड़े अपलोड होंगे तो मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों की टीम इनका ऑडिट करेगी। इनके इलाज में कोविड गाइडलाइन का पालन और दवाओं के इस्तेमाल की स्थिति भी देखेगी।
यह भी पता किया जाएगा कि रोगी के भर्ती होने के बाद सही लाइन पर इलाज हुआ या नहीं। टीम के सूत्रों का कहना है कि निजी अस्पतालों से डाटा अपलोड करने के लिए कहा गया है। साथ ही सीएमओ कार्यालय से पत्र भी जारी किए गए हैं।