कानपुर में हैलट के वार्डों में बुधवार दोपहर ऑक्सीजन की सप्लाई अचानक ठप होने से दो मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीजों की सांसें फूलने लगी। इससे हड़कंप मच गया। हालांकि पांच मिनट बाद ही आपूर्ति बहाल हो गई थी। उधर, अस्पताल प्रशासन ने इसकी वजह से किसी भी मरीज की मौत होने से इनकार किया है।
हैलट अस्पताल के वार्ड नंबर 1, 2 में कोरोना जैसे लक्षण वाले और वार्ड 3, 4 में कोरोना के मरीज भर्ती हैं। इनमें से ज्यादातर मरीजों को ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। कुछ की हालत चिंताजनक है। इन चारों वार्डों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही सेंट्रल ऑक्सीजन प्लांट में बड़े सिलेंडर लगाकर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है।
दोपहर में अचानक ऑक्सीजन आपूर्ति वाली पाइप लाइन के नोजल से ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप हो गई। इसका पता चलते ही अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इसे ठीक कराया। बताया गया कि नोजल में कार्बन आने से ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप हो गई थी, जिसे पांच मिनट में ही ठीक कर ऑक्सीजन की आपूर्ति बहाल की गई।
इस बीच इन वार्डों में भर्ती मालती देवी और मुन्नी देवी की जीवन लीला समाप्त हो गई। मालती का इलाज करा रहे उसकी बहू के भाई संदीप ने बताया कि दो दिन पहले ही मालती को भर्ती कराया था। दोपहर में ऑक्सीजन आपूर्ति बंद होने से मालती देवी की जान चली गई।
इसी तरह शुक्लागंज निवासी मुन्नी देवी के परिजनों ने भी ऑक्सीजन आपूर्ति बंद होने से मृत्यु होने का आरोप लगाया। वार्ड एक में भर्ती रीता सोनी की तीमारदारी कर रही अपूर्वा ने बताया कि पांच मिनट के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने से मरीजों को दिक्कत होने लगी थी।
उन्होंने अपने मरीज को दूसरा ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर जान बचाई। इसी तरह मरीज शशि भटनागर सहित कुछ अन्य मरीजों के तीमारदारों ने ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से मरीजों को दिक्कत होने की बात कही। उधर, अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रीता गुप्ता ने इससे किसी मरीज की मौत होने से इनकार किया है।