दावत-ए-इस्लामी से जुड़े कानपुर के कई सदस्यों ने थाना पुलिस से संपर्क कर बताया कि संगठन मुस्लिम लोगों को नमाज, दीन के लिए जागरूक करता है, हिंसा से उनका कोई लेना नहीं है। हर जांच के लिए पुलिस का सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
उदयपुर में हुई कन्हैयालाल की हत्या के आरोपियों का पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी से जुड़ाव मिलने के बाद कानपुर में भी इस संगठन की गतिविधियों की तलाश पुलिस ने शुरू की है। गुरुवार शाम पुलिस ने डिप्टी पड़ाव स्थित दावत-ए-इस्लामी के सेंटर (मरकज) में जाकर छानबीन की।
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पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा के अनुसार सेंटर में धार्मिक किताबों के अलावा कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। संगठन से जुड़े आपराधिक किस्म के लोगों का इतिहास खंगाला जा रहा है। कुछ की निगरानी भी की जा रही है। अभी तक शहर में इसकी एक भी शिकायत दर्ज नहीं है।
संगठन से जुड़े लोगों ने पुलिस से संपर्क किया है, लेकिन वह खुलकर सामने नहीं आए हैं। उन्होंने पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार कन्हैयालाल के हत्यारों का शहर में सक्रिय इस संगठन से कोई लिंक नहीं मिला है।
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संगठन के सदस्य पुलिस के संपर्क में
सूत्रों के अनुसार दावत-ए-इस्लामी से जुड़े शहर के कई सदस्यों ने थाना पुलिस से संपर्क कर बताया कि संगठन मुस्लिम लोगों को नमाज, दीन के लिए जागरूक करता है, हिंसा से उनका कोई लेना नहीं है। हर जांच के लिए पुलिस का सहयोग करने के लिए तैयार हैं।