Kanpur News: मकान खाली करने के विवाद में कोयला व्यापारी के बेटे ने पथराव कर दिया। जिसमें दरोगा-सिपाही समेत छह लोग घायल हो गए। घटना ग्वालटोली क्षेत्र की चूड़ी वाली गली की है।
ग्वालटोली इलाके में शनिवार सुबह करीब सात बजे मकान खाली कराने को लेकर मकान मालिक के बेटे ओर किराएदारों के बीच विवाद हो गया। मकान मालिक के बेटे ने किराएदारों को घर से बाहर निकालकर भीतर से कुंडी बंद कर ली और उनके कमरों में घुसकर तोड़फोड़ की। किरायेदारों ने घर के बाहर से विरोध किया तो मकान मालिक के बेटे ने चौथी मंजिल से ही ईंट-पत्थर चला दिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को पकड़ने की कोशिश की तो उसने आत्महत्या की धमकी दे दी। यही नहीं, पुलिस पर भी पथराव किया जिसमें एक दरोगा व सिपाही समेत छह लोग घायल हो गए।
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चार घंटे तक चले बवाल के बाद आखिर में करीब साढ़े 11 बजे दमकलकर्मियों ने चौथी मंजिल से ऑपरेशन चलाकर आरोपी को दबोच दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। हालांकि आरोपी के परिजनों का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज चल रहा है।
क्षेत्र की चूड़ी वाली गली में कोयला व्यापारी संजय गुप्ता का चार मंजिला घर है। उसमें अनिल, सूरजबली, मैकू, अलीशा समेत कई किराएदार 4500 रुपये किराए और बिजली का अलग बिल देकर 3-4 वर्ष से रह रहे हैं। किरायेदारों ने पुलिस को बताया कि मकान मालिक का बेटा गौरव गुप्ता उर्फ मालू पिछले कुछ समय से उन लोगों से घर खाली करने को लेकर कहा था। उन लोगों ने कमरा तलाशने में हो रही देरी पर कुछ समय मांगा था। किराएदारों का आरोप है कि शनिवार को दशहरा के दिन सुबह 7:00 बजे गौरव ने गालीगलौज करते हुए सभी किराएदारों को घर के बाहर निकल दिया और भीतर से कुंडी लगाकर चौथी मंजिल पर चढ़ गया।
इसके बाद किराएदारों की गृहस्थी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। यही नहीं, सामान भी नीचे फेंकने लगा। विरोध करने पर चौथी मंजिल से ही पथराव शुरू कर दिया। पथराव में अनिल, उसकी पत्नी अनीता, सूरज बली, मैकू घायल हो गए। इस बीच सूचना पाकर ग्वालटोली पुलिस मौके पर पहुंची तो गौरव ने उनपर भी पथराव किया। इस दौरान दरोगा गौरव सोनकर और सिपाही चालक मिलन सिंह घायल हो गए। लोगों ने अन्य पुलिस कर्मियों की मदद से पुलिस कर्मियों और अन्य घायलों को इलाज के लिए उर्सला अस्पताल भिजवाया।
पथराव के दौरान पीआरवी का शीशा भी टूट गया। पुलिसकर्मियों ने गौरव को समझाने की कोशिश की तो उसने हाथ में सिलिंडर का पाइप खोलकर आग लगाने और चाकू से आत्महत्या की धमकी दी। इस पर पुलिस कर्मी ठिठक गए। इस बीच पुलिस ने दमकलकर्मियों को भी बुला लिया और पीछे के रास्ते सीढ़ी से चढ़कर गौरव को मकान की चौथी मंजिल से पकड़कर उतार लिया।
केस दर्ज, जेल भेजा गया आरोपी
एडीसीपी सेंट्रल महेश कुमार ने बताया कि आरोपी गौरव के बवाल व पथराव से दरोगा व सिपाही समेत छह लोग घायल हुए हैं। एसीपी नजीराबाद ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की। एडीसीपी के मुताबिक आरोपी गौरव के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, पथराव, तोड़फोड़, व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
बिन बॉडी प्रोटेक्टर-हेलमेट पहुंचना पड़ा भारी
क्षेत्र के लोगों के बवाल व पथराव की सूचना पर पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच तो गए, लेकिन बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट नहीं पहने थे। यही वजह है कि जब गौरव को छत से पथराव किया तो पुलिसकर्मी उसकी चपेट में आकर घायल हो गए। यही नहीं अन्य पुलिस कर्मी गौरव के पास पहुंचने की बजाए दूर खड़े होकर तमाशा देखते रहे। बाद में पहुंचे दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आरोपी गौरव को दबोच लिया।
आरोपी बोला, सुनवाई न हुई तो उठाया कदम
पुलिस कर्मियों व किराएदरों पर पथराव करने वाले आरोपी गौरव गुप्ता का कहना था कि किराएदारों से मकान खाली करने के लिए कई बार बोला। ग्वालटोली थाने गए। कई अधिकारियों के चक्कर काटे लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनीं। अंत में उसने खुद ही अपना घर किराएदारों से खाली कराने का फैसला कर लिया।
मीडिया कर्मियों से भिड़े पुलिसकर्मी
पथराव की सूचना पर पहुंचे मीडिया कर्मियों को कई पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल पर समाचार संकलित करने मना करते हुए धमकी दी। इसके बाद घायल दरोगा व सिपाही को पुलिसकर्मी उर्सला लेकर गए, तो वहां भी मीडिया कर्मियों से पुलिस वालों ने बदसलूकी की और उनके कैमरे पकड़ते हुए कुछ भी बताने से मना कर दिया।