सेंट्रल पर कोच की स्प्रिंग टूटी
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इस दाैरान ट्रेन करीब ढाई घंटे स्टेशन पर खड़ी रही और शाम 4.50 बजे ग्वालियर के लिए रवाना हो सकी। मामले में जांच कमेटी गठित की गई है। सुरक्षा के लिहाज से आरपीएफ प्रभारी एमएस पाटीदार, जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओमनारायण सिंह व रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।
स्पीड में होती तो डिरेल हो सकती थी ट्रेन
रेलवे इंजीनियरों ने बताया कि ट्रेन फुल स्पीड में होती तो डिरेल हो सकती थी। मैकेनिकल टीम की वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया। वहीं गर्मी और उमस में अन्य कोचों में बैठे यात्री परेशान रहे। कोई स्टाल पर पहुंचकर पानी की बोतल खरीद रहा था तो कोई चायपान के स्टाल पर बच्चों के साथ सामान ले रहा था। इस दाैरान प्लेटफार्म नंबर दो पर आने वाली ट्रेनों को दूसरे पर प्लेटफार्म पर शिफ्ट किया गया।
कोच की सेकेंडरी स्प्रिंग टूटी थी। कोच हटाकर ट्रेन रवाना की गई। यह ट्रेन झांसी मंडल की है इसलिए कोच वहां भेजा जाएगा और वहीं इसकी जांच होगी। - शशिकांत त्रिपाठी, सीपीआरओ उत्तर-मध्य रेलवे