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कानपुर क्लब: गोलमाल है भाई सब गोलमाल

Thu, 02 Feb 2017 05:34 PM IST
राहुल शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर

सार

-32 लाख रुपये आरटीजीएस मामले में कोई भी सही बोलने को तैयार नहीं
-एचडीएफसी बैंक में ड्राफ्ट तो जमा हो गया पर कहां का है यह नहीं बता रहे
-रेनोवेशन के लिए कंपनी के मुंबई एजेंट को दिया गया था धन
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आखिरकार कानपुर क्लब की कमेटी को 32 लाख रुपये जमा करने पड़े। इस बात की पुष्टि सचिव अतुल अग्रवाल ने स्वयं की है। उनका कहना है कि ड्राफ्ट जमा करा दिया गया है। पर ड्राफ्ट कहां से बनकर आया है इस बात पर चुप है। वहीं कमेटी के अन्य सदस्य भी ड्राफ्ट के मामले में बोलने को राजी नहीं है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कंपनी ने 32 लाख रुपये वापस किए है या फिर कमेटी ने स्वयं जमा कर मामले को खत्म किया है। कहा जा रहा है कि कंपनी को जो रुपये एडवांस दिए गए थे इसलिए उसने वापस करने से मना कर दिया है।
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क्लब के रेनोवेशन के लिए सचिव अतुल अग्रवाल और फाइनेंस सेक्रेटरी नितिन अग्रवाल ने कमेटी की बिना जानकारी और अनुमति के 32 लाख रुपये का आरटीजीएस बुल्गारिया की एक कंपनी  के एजेंट रौनक इंटरप्राइजेज एलएलपी कंपनी मुंबई के एचडीएफसी बैंक खाते में कर दिया था। बुल्गारिया की कंपनी को क्लब के रेनोवेशन का ठेका दिया गया था। नियमविरुद्ध तरीके से हुए भुगतान का खुलासा ‘अमर उजाला’ ने किया था तो घमासान मचा था। जनवरी के अंतिम सप्ताह में कमेटी के सदस्यों ने एकजुट होकर ड्राफ्ट बनवाकर कानपुर क्लब के एचडीएफसी बैंक एकाउंट में जमा करा दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि जिस डायरेक्टर की वजह से कंपनी को एडवांस दिया गया था उसी ने रकम एकत्र कर ड्राफ्ट बनवाकर दिया है।
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