कानपुर की ऐतिहासिक लाल इमली मिल में लगी चार दिशाओं वाली घड़ी में तीसरी ओर का हिस्सा भी टूट चुका है। अब केवल एक छोर की ही घड़ी बची है। घड़ी में लगी सुइयां भी गायब हैं जो चोरी की ओर इशारा कर रही हैं। मिल प्रबंधन ने जानकारी बीआईसी के उच्च अफसरों को दी तो उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कर्मचारी संगठन ने मिल में पर्याप्त सुरक्षा गार्ड न होने और मिल में कई चोर रास्ते होने का आरोप लगाया है।
लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि घड़ी वर्षों से बंद है। कोई भी व्यक्ति बाहर से इसे ऊंचाई होने के कारण नहीं तोड़ सकता है। ऊपर जाने वाले रास्ते में ताला पड़ा है। मिल में अलग-अलग शिफ्ट में करीब 30 सुरक्षा कर्मचारी रहते हैं जबकि पहले ये संंख्या 60-70 होती थी। कर्मचारियों के पास सुरक्षा के कोई उपकरण तक नहीं हैं।