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Toxic Air in Kanpur: सांस लेने लायक नहीं शहर की हवा, एक्यूआई 306 पहुंचा, इन इलाकों में रही बेहद खराब स्थिति

Sun, 30 Oct 2022 11:19 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

दीपावली के बाद से ही शहर की हवा खराब बनी हुई थी। हवा में प्रदूषित तत्वों की संख्या बढ़ने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 306 तक पहुंच गया। इसके बावजूद ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत किसी भी विभाग ने कार्रवाई नहीं शुरू की है।
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कानपुर की हवा खराब हुई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन के कोई ठोस कदम न उठाने के बाद रविवार को कानपुर शहर की हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। चौबीस घंटे में कानपुर शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 306 दर्ज किया गया है। यह सांस लेने लायक नहीं है।   

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टास्क फोर्स ने नहीं शुरू किया काम
प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए बने ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स ने कोई काम शुरू नहीं किया है। इसके अनुसार प्रदूषण का स्तर मॉडरेट (एक्यूआई 101-200) से पुअर (एक्यूआई 201-300) या उससे ज्यादा खराब हो, तो विभिन्न विभाग कई तरह के कदम उठाते हैं।
इसमें भारी वाहनों के शहर में प्रवेश से लेकर ऑड ईवन नंबर के अनुसार वाहनों का संचालन, ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन, निर्माण पर प्रतिबंध जैसे कदम शामिल हैं। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था, मशीनों की मदद से डस्ट की सफाई और पानी का छिड़काव भी किया जाता है।

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वहीं, लोगों के लिए एडवाइजरी के साथ ही कंट्रोल रूम भी बनाया जाना जरूरी होता है। लेकिन जिला प्रशासन र्ने इंट भट्ठों को बंद करने के अलावा कोई और कदम नहीं उठाया है। यह तब है जब पिछले पंद्रह दिन में प्रदूषण का स्तर मॉडरेट से पुअर और अब वेरी पुअर यानी एक्यूआई 300 के पार पहुंच चुका है।

टास्क फोर्स में ये शामिल
एक्शन प्लान के तहत कार्रवाई करने के लिए डीएम विशाख जी की ओर से टास्क फोर्स गठित किया गया है। डीएम की अध्यक्षता में गठित इस टास्क फोर्स के कार्यों की हर पंद्रह दिन में निगरानी के लिए प्रभागीय वन अधिकारी और नगर आयुक्त को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी दी गई है।

इसके साथ ही टास्क फोर्स में आरटीओ, जिला कृषि अधिकारी, उप नगर आयुक्त, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एसपी ट्रैफिक, सीएमओ, अधीक्षण अभियंता नगर नियोजन, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी, परियोजना प्रबंधक एनएचएआई, मुख्य अभियंता बिजली विभाग, खनन अधिकारी और उप निदेशक पर्यावरण को सदस्य बनाया गया है।

जानलेवा हो सकती है लोगों के लिए हवा
हवा में प्रदूषण का स्तर अगर ज्यादा समय तक 300 के पार रहा, तो लोगों के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मानना है कि इस स्तर के प्रदूषण को सांस रोगियों के लिए घातक माना जाता है। कोविड की वजह से पहले ही लोगों के फेफड़ों को खासी मार पड़ चुकी है। ऐसे में इस स्तर के एक्यूआई की वजह से लोगों के लिए ज्यादा खतरा पैदा हो गया है।
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शाम छह बजे कहां कितना था एक्यूआई
नेहरू नगर       :     339
किदवई नगर   :     294
कल्याणपुर      :     285
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