वहीं, लोगों के लिए एडवाइजरी के साथ ही कंट्रोल रूम भी बनाया जाना जरूरी होता है। लेकिन जिला प्रशासन र्ने इंट भट्ठों को बंद करने के अलावा कोई और कदम नहीं उठाया है। यह तब है जब पिछले पंद्रह दिन में प्रदूषण का स्तर मॉडरेट से पुअर और अब वेरी पुअर यानी एक्यूआई 300 के पार पहुंच चुका है।
टास्क फोर्स में ये शामिल
एक्शन प्लान के तहत कार्रवाई करने के लिए डीएम विशाख जी की ओर से टास्क फोर्स गठित किया गया है। डीएम की अध्यक्षता में गठित इस टास्क फोर्स के कार्यों की हर पंद्रह दिन में निगरानी के लिए प्रभागीय वन अधिकारी और नगर आयुक्त को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही टास्क फोर्स में आरटीओ, जिला कृषि अधिकारी, उप नगर आयुक्त, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एसपी ट्रैफिक, सीएमओ, अधीक्षण अभियंता नगर नियोजन, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी, परियोजना प्रबंधक एनएचएआई, मुख्य अभियंता बिजली विभाग, खनन अधिकारी और उप निदेशक पर्यावरण को सदस्य बनाया गया है।
जानलेवा हो सकती है लोगों के लिए हवा
हवा में प्रदूषण का स्तर अगर ज्यादा समय तक 300 के पार रहा, तो लोगों के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मानना है कि इस स्तर के प्रदूषण को सांस रोगियों के लिए घातक माना जाता है। कोविड की वजह से पहले ही लोगों के फेफड़ों को खासी मार पड़ चुकी है। ऐसे में इस स्तर के एक्यूआई की वजह से लोगों के लिए ज्यादा खतरा पैदा हो गया है।
शाम छह बजे कहां कितना था एक्यूआई
नेहरू नगर : 339
किदवई नगर : 294
कल्याणपुर : 285