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Kanpur: मिड डे मील में खराब टमाटर, आलू और प्याज इस्तेमाल करने का आरोप, वीडियो वायरल

Sat, 18 Jul 2026 01:44 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर

सार

Kanpur News: चौबेपुर क्षेत्र के नुनहा नरसिंह प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बच्चों के लिए बनने वाले भोजन में खराब टमाटर, आलू और प्याज का इस्तेमाल किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
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वायरल वीडिओ में मौजूद शिक्षिका - फोटो : वीडिओ ग्रैब
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विस्तार
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चौबेपुर विकास खंड के अंतर्गत आने वाले नुनहा नरसिंह प्राइमरी स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे-मील में घटिया और सड़ी-गली सब्जियों का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा है। स्कूल में बन रही खराब सब्जी और सड़े हुए टमाटर, आलू व प्याज का स्थानीय ग्रामीणों ने रंगे हाथों वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

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चौबेपुर के नुनहा नरसिंह प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को जब मिड-डे-मील का खाना तैयार किया जा रहा था, तब कुछ ग्रामीण और बच्चों के अभिभावक किसी काम से स्कूल परिसर में गए थे। रसोईघर की तरफ जाने पर ग्रामीणों ने देखा कि बच्चों के लिए जो सब्जी काटी जा रही है, उसकी गुणवत्ता बेहद घटिया है।

रसोई में रखे टमाटर पूरी तरह सड़ चुके थे, आलू से बदबू आ रही थी और प्याज भी पूरी तरह खराब हो चुके थे। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल की प्रधानाचार्या की देखरेख में जानबूझकर इन सड़े-गले टमाटर, आलू और प्याज की सब्जी तैयार करवाकर मासूम बच्चों को परोसी जा रही थी।

ग्रामीणों ने बनाया लाइव वीडियो, सोशल मीडिया पर खोली पोल

रसोईघर का यह नजारा देखकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल फोन निकाले और रसोई में रखी सड़ी हुई सब्जियों, कट रही सामग्री और बन रहे भोजन का लाइव वीडियो बना लिया। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि सब्जियां किस कदर बदबूदार और काली पड़ चुकी थीं, जिन्हें बच्चों के भोजन में मिलाया जा रहा था।

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ग्रामीणों ने मौके पर ही स्कूल स्टाफ और प्रधानाचार्या से इस लापरवाही को लेकर तीखे सवाल पूछे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल कर दिया। देखते ही देखते वीडियो पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया और लोग बिजली विभाग व शिक्षा विभाग के लचर सिस्टम को कोसने लगे।
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